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महिला सहकर्मियों की चाय में पेशाब मिलाता था यह टीचर

नर्सरी की चार महिला टीचरों को महसूस हुआ कि उनकी चाय में से बदबू आती है. इस बात का पता लगाने के लिए उन्होंने अपने थर्मो फ्लास्क में जासूसी कैमरे लगाए तो पता चला कि सिगरेट पीने वाला उनका सहकर्मी चाय में पेशाब मिला देता था.

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चाय रखने वाला थर्मो फ्लास्क
चाय रखने वाला थर्मो फ्लास्क

नर्सरी की चार महिला टीचरों को महसूस हुआ कि उनकी चाय से बदबू आती है. इस बात का पता लगाने के लिए उन्होंने अपने थर्मो फ्लास्क में जासूसी कैमरे लगाए तो पता चला कि सिगरेट पीने वाला उनका सहकर्मी चाय में पेशाब मिला देता था.

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मामला चीन के उत्तर-पश्चिमी शहर लियानयुनगैंग का है. ब्रिटिश वेबसाइट 'डेली मेल' पर छपी खबर के मुताबिक, पुलिस 54 साल के गाओ चाओ को गिरफ्तार कर अस्पताल ले गई जहां जांच में पता चला कि उसे संक्रमण की बीमारी है. 21 से 26 साल की चार महिलाओं ने चाय का सच पता लगाने के बाद पुलिस में शिकायत की थी. हालांकि पुलिस ने उस व्यक्ति को छोड़ दिया क्योंकि उसकी करतूतों से महिला शिक्षकों के स्वास्थ्य पर कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ था.

इस मामले का पता तब चला जब क्लासरूम में जासूसी कैमरा लगाने के बाद महिलाओं ने देखा कि किंडरगार्टन का एकमात्र पुरुष टीचर उनके थर्मो फ्लास्क में पेशाब करता था. पुरुष टीचर को इस बात का यकीन हो गया था कि चारों महिला टीचर्स उसकी इज्जत नहीं करती है.

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                         सिगरेट पीते हुए चाय में पेशाब मिला देता था यह शख्स

चारों महिलाओं में से एक 26 साल की ली काओ ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा कि पुलिस ने उसे डांटने के बाद छोड़ दिया और उचित कार्रवाई नहीं की. काओ ने कहा, 'कुछ हफ्ते पहले ही मैंने चाय से आ रही बदबू को नोटिस किया था. चाय के कप पारदर्शी नहीं थे, इसलिए चाय के रंग को देखकर पता लगा पाना मुश्किल था. लेकिन चाय रखने वाले फ्लास्क से भी इसी तरह की बदबू आती थी.'

इसके बाद ली काओ ने नया फ्लास्क खरीदा, लेकिन नए फ्लास्क के साथ भी यह समस्या बरकरार रही. फिर काओ को पता चला कि उसकी सहकर्मी भी इसी समस्या से जूझ रही है. सब मिलकर इस नतीजे पर पहुंचीं कि कोई व्यक्ति उनकी चाय में कुछ मिला रहा है.

जब तक चाय में पेशाब करने वाले व्यक्ति को हटाया नहीं जाता, चारों महिलाओं ने ड्यूटी पर आने से मना कर दिया. हालांकि मामला बाद में सुलझा लिया गया जब आरोपी व्यक्ति ने चारों महिलाओं को 200 यूरो हर्जाने के तौर पर देना स्वीकार किया और माफी मांगी.

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