रात में अच्छी नींद लेने से आपको सकारात्मक नजरिया बनाए रखने में मदद मिलती है. शोधकर्ताओं को एक शोध में पता चला कि जो लोग कम सोते हैं या फिर अक्सर देर से सोते हैं, अन्य लोगों की तुलना में उनका नजरिया काफी नकारात्मक होता है और वे चिंताओं से घिरे रहते हैं.
अमेरिका के बिंघमटन विश्वविद्यालय के जैकब नोटा ने कहा, 'जो व्यक्ति नकारात्मक विचारों से परेशान है और सही समय पर नहीं सोता है तो उसे गहरी नींद नहीं आएगी. उसकी नींद होगी कच्ची, जिसमें आसानी से व्यवधान डाला जा सकता है.'
इस शोध के निष्कर्षों में यह भी सुझाया गया है कि नींद में व्यवधान से नकारात्मक सोच बढ़ने की संभावनाएं रहती हैं. शोधकर्ताओं ने कहा कि पर्याप्त नींद में व्यावधान से पैदा हुए नकारात्मक विचारों से आपको विकार होने का खतरा रहता है जो आपको उपचार के लिए बाध्य कर सकता है. इस शोध में 100 नौजवान लोगों पर अध्ययन किया गया.
बिंघमटन विश्वविद्यालय के मेरेडिथ कोल्स ने बताया, 'अगर आगे के निष्कर्षों में नींद के समय और नकारात्मक सोच के दोहराव में संबंधों के समर्थन के बारे में जानकारी मिली तो एक दिन यह विकार लोगों को उपचार कराने के लिए अस्पतालों की ओर रुख कराएगा. यह शोध कॉग्निटिव थेरेपी एंड रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
इनपुट- IANS