दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है. दिल्ली की खराब क्वालिटी इमरजेंसी की कैटगरी में पहुंच चुकी है. दिल्ली के साथ-साथ कई राज्यों में प्रदूषण ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है. दिल्ली के कई इलाकों में एअर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. इन इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 700 के पार हो चुका है.
आपको बता दें कि एयर क्वालिटी इंडेक्स में 401 से 500 के बीच को 'गंभीर' जबकि 1000 होने पर 'इमरजेंसी' की स्थिति मानी जाती है. इमरजेंसी कैटगरी के प्रदूषण में सेहत का ख्याल रखना भी एक चुनौती भरा काम है. आइए जानते हैं इस जानलेवा हवा से खुद को कैसे बचाएं.
1. एक्यूआई इंडेक्स 400 के पार हो तो घर के अंदर रहें, सामान्य वॉक भी ना करें. अगर घर से बाहर निकलना भी पड़े तो बिना मास्क के बिल्कुल न निकलें. मौजूदा हालात में बाइकिंग मास्क सबसे सही रहेंगे.
2. अपने घर और आस-पास की जगहों पर ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं. ये हवा को प्यूरीफाई करने का काम करते हैं. जिससे आप ताजी हवा में सांस ले पाएंगे.
3. सांसों से शरीर में पहुंचे जहर को बाहर निकालने के लिए पानी बहुत जरूरी है. इसलिए पानी पीना नहीं भूलें. दिन में तकरीबन 4 लीटर तक पानी पिएं. घर से बाहर निकलते वक्त भी पानी पिएं.
4. खाने में जितना हो सके विटामिन-सी, ओमेगा-3 को प्रयोग में लाएं. शहद, लहसुन, अदरक का खाने में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें. खांसी, जुकाम की स्थिति में शहद और अदरक के रस का सेवन करें.
5. जब तक प्रदूषण है तब तक बच्चों को बाहर खेलने ना निकलने दें. साइकिलिंग करने से बचें, ज्यादा देर पैदल ना चलें.
6. कफ की दिक्कत है तो शहद में काली मिर्च मिलाकर लें. वहीं, लहसुन में एंटीबॉयटिक तत्व होते हैं जो प्रदूषण से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं.
7. अस्थमा के मरीज हैं तो दवाइयां हमेशा साथ रखें. गर्भवती महिलाएं घर में रहने के दौरान भी मास्क पहनें.
8. सुबह के वक्त प्रदूषण का स्तर ज्यादा होता है इसलिए मॉर्निंग वॉक पर नहीं जाएं. धूप निकलने के बाद ही बाहर ही निकलें. मोटरसाइकल या साइकिल से बाहर नहीं निकलें.
9. घर के लिए ना सही, लेकिन कार के लिए एयर प्यूरिफायर जरूर लिया जा सकता है. ज्यादा ट्रैफिक वाले समय में घर से बाहर निकल रहे हैं तो ये बचाव का एक बहुत अच्छा उपाय साबित हो सकता है.
10. झाडू की जगह वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें. धूल के कण प्रदूषण फैलाने का काम करते हैं. ऐसे में अगर प्रदूषित इलाकों में आप घर में झाडू की जगह वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करेंगे तो सांस लेने में दिक्कत नहीं होगी.