टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए लौकी सबसे कारगर है. लौकी में 92 फीसदी पानी और 8 फीसदी फाइबर पाया जाता है. डायबिटीज की बीमारी से निपटने के लिए लौकी सबसे गुणकारी सब्जी मानी जाती है. लौकी में बहुत ही कम मात्रा में ग्लूकोज और शुगर होता है इसलिए इसे डायबिटीज की बीमारी में सबसे उपयुक्त माना गया है.
कई शोध में पाया गया है कि लौकी को हर दिन अपने आहार में शामिल करने से ब्लड शुगर कम होता है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी के एक शोध में 13 सब्जियों का जूस निकाला गया जिसमें टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों से जुड़ा एंजाइम पाया गया जो मोटापे को बढ़ाता है. लेकिन लौकी के जूस से टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण वापस नियंत्रित हो गए. इसमें प्रोटीन-टायरोसिन फॉस्फेट 1 बीटा पाया गया जो इंसुलिन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है.
ध्यान देने वाली बात ये है कि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो पूरी दुनिया में तेजी से अपने पैर पसार रही है. हांलाकि हर देश में डायबिटीज के मरीजों की व्यापकता दर अलग-अलग है. डायबिटीज की बढ़ती बीमारी धीरे-धीरे लोगों की मौत का भी कारण बनती जा रही है.
बिना इंसुलिन के डायबिटीज पीड़ितों या टाइप-2 मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है. जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दुनिया में डायबिटीज पीड़ितों की संख्या अगले 25 सालों में दोगुनी हो जाएगी.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2025 तक डायबिटीज रोगियों की संख्या में 170 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो जाएगी. वैसे तो इस बीमारी का पूरी तरह से इलाज या इसे मेंटेन रखना मुश्किल है ऐसे में डाइट ही एकमात्र ऐसा तरीका है जिससे इसे संतुलित किया जा सकता है. डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए खाने के साथ-साथ हाइपोग्लाइसेमिक दवाओं या इंसुलिन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.