देश में कोरोना के घटते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में अनलॉक की प्रक्रिया तेज की जा रही है. पर्यटन के क्षेत्र में भी छूट मिलनी शुरू हो गई है. हिमाचल प्रदेश की सरकार ने पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हाल ही में आरटीपीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी थी लेकिन एंट्री के लिए ई-पास जरूरी था. ई-पास के लिए तमाम लोग आवेदन कर रहे थे लेकिन उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड रहा था. अगर आप भी हिमाचल प्रदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं तो 1 जुलाई तक का इंतजार करना ज्यादा सही रहेगा क्योंकि 1 जुलाई से ई-पास की अनिवार्यता भी खत्म हो जाएगी.
1 जुलाई से हिमाचल आने वाले पर्यटकों को अब राज्य में प्रवेश के समय ई-पास दिखाने की जरूरत नहीं होगी. सरकार ने अंतरराज्यीय बसें चलाने की भी अनुमति दे दी है. 1 जुलाई से अब 50 फीसदी की क्षमता वाली प्राइवेट समेत सभी अंतरराज्यीय बसें चल सकेंगी.
हिमाचल में सरकारी कार्यालय भी अब एक जुलाई से पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर सकेंगे. इसके अलावा, अब यहां की सभी दुकानों को सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक खुली रखने की भी मंजूरी दे दी गई है.
राज्य में 1 जुलाई से रात 10 बजे तक रेस्टोरेंट्स खुले रखने की अनुमति दे दी गई गई. सामाजिक समारोहों में कुल इनडोर क्षमता के 50 फीसदी तक लोगों के आने की अनुमति होगी. इनडोर में 50 और बाहरी समारोह अधिकतम 100 लोगों के शामिल होने की मंजूरी दी गई है.
कोविड-19 स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये सभी निर्णय लिए गए. आपको बता दें कि जून महीने की शुरुआत में ही राज्य सरकार ने पर्यटन से जुड़े नियमों में ढील देनी शुरू कर दी थी.
नियमों में छूट मिलते ही भारी संख्या में टूरिस्ट हिमाचल की तरफ आने लगे हैं. राज्य में अचानक से बढ़ी पर्यटकों की भीड़ की वजह से भारी जाम की स्थिति का भी सामना करना पड़ रहा है.