उरी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. जुबानी जंग तेज हो गई है, हर रोज रणनीति पर चर्चा हो रही हैं और बीच-बीच में लोगों के मुंह से युद्ध की बात भी सुनने को मिल रही है.
इसी बीच हर तरफ एक और नाम है जिसकी चर्चा है. एनम गंभीर.
कौन हैं एनम गंभीर?
एनम गंभीर भारत की युवा डिप्लोमैट और संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के Permanent Mission की पहली सेक्रेटरी हैं. बीते दिनों यूएन में दिए उनके भाषण ने सबका ध्यान खींचा.
एनम दिल्ली की रहने वाली हैं और उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ जेनेवा से अपनी पढ़ाई पूरी की है. 2005 में उन्होंने Indian Foreign Service ज्वाइन की और 2008 में अर्जेंटीना में भारत अंबेसी की सेकंड सेक्रेटरी बनीं. यही वजह है कि एनम को हिंदी और अंग्रेजी के साथ ही स्पैनिश भाषा की भी अच्छी समझ है.
वैसे आप एनम का ट्विटर अकाउंट देखेंगे तो पता चल जाएगा कि अपनी बात रखने में उनका कोई सानी नहीं है.
एनम को भारत-पाकिस्तान रिश्ते पर अच्छी समझ है. इसका एक बड़ा कारण ये है कि एनम इससे पहले विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान डेस्क पर काम करती थीं.
71वें सत्र की जनरल डिबेट में भारत के राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए एनम ने सबको प्रभावित किया.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को दिया करारा जवाब
यूएन असेंबली में नवाज शरीफ के भाषण के कुछ घंटों बाद ही एनम ने सभा में अपनी बात रखी. नवाज शरीफ की झूठी दलीलों को उन्होंने अपने तर्कों से मुंहतोड़ जवाब दिया.
एनम ने अपने भाषण में कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देना पाकिस्तान की पुरानी नीति रही है, जिसका परिणाम पाकिस्तान के आस-पास के इलाकों में देखने को मिल रहा है. ये कितनी अजीब बात है कि जो देश खुद आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है वो मानवाधिकारों की बात करता है.
एनम ने 11 सितंबर को हुए अमेरिकी हमले का भी जिक्र किया और पाकिस्तान को पाखंडी बताया.
सुनें एनम ने क्या कहा...
Watch India's First Secy to UN Eenam Gambhir's reply to Nawaz Sharif on terror attacks.#FailureNawaz #ITVideo pic.twitter.com/AfOT1QB7Vv
— India Today (@IndiaToday) September 22, 2016