उम्र बढ़ने का असर सबसे पहले त्वचा पर दिखाई देता है. चेहरे पर फाइन लाइन्स दिखने के बात महिलाएं अपने स्किन की ज्यादा देखभाल करने लगती हैं. चेहरे की ये रेखाएं इस बात का संकेत देती हैं कि आपकी स्किन अब पहले जैसी नहीं रही. कुछ महिलाओं को लगता है कि चेहरे पर झुर्रियां पड़ने के बाद ही एंटी एजिंग क्रीम लगानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है. आइए जानते हैं कि एंटी एजिंग क्रीम का इस्तेमाल किस उम्र में करना सही रहता है.
दो तरह की एजिंग
एक्सपर्ट का कहना है कि एजिंग दो तरह की होती है- एक आंतरिक और दूसरी बाहरी. उम्र बढ़ने का सबसे पहला असर अंदर से होता है जो फाइन लाइन्स के रूप में बाहर दिखाई देने लगता है. एंटी एजिंग क्रीम से स्किन को काफी हद तक झुर्रियों से बचाया जा सकता है.
उम्र बढ़ने के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
एक्सपर्ट का कहना है कि ज्यादातर भारतीयों में उम्र बढ़ने का पहला असर आंखों के नीचे से दिखना शुरू हो जाता है. आंखों के नीचे की स्किन पतली होने लगती है जिसकी वजह से आंखें धंसी-धंसी सी दिखने लगती हैं. पूरे चेहरे में आंखों के आसपास की स्किन सबसे ज्यादा संवेदनशील होती है. उम्र बढ़ने का पहला लक्षण आंखों के पास से ही दिखना शुरू होता है.
एंटी एजिंग क्रीम लगाने की सही उम्र
महिलाओं को 30 साल की उम्र से एंटी एजिंग क्रीम लगाना शुरू कर देना चाहिए. चेहरे पर फाइन लाइन्स 35 से 40 के बाद दिखना शुरू होती हैं. अगर आप एंटी एजिंग क्रीम उम्र बढ़ने से पहले ही लगाना शुरू कर देंगी तो चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियां देर से दिखाई देंगी. एंटी एजिंग क्रीम ऐसी लें जो आपकी स्किन को सूट करती हों.