scorecardresearch
 

दो साल से ऊपर के शिशुओं के लिए दोपहर की नींद हानिकारक

एक नई रिसर्च से पता चला है कि शिशु के लिए दोपहर की झपकी या नींद उसके सोने की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है. दोपहर की झपकी या नींद से शिशु की रात की नींद के समय पर प्रभाव पड़ता है.

Advertisement
X
symbolic image
symbolic image

एक नई रिसर्च से पता चला है कि शिशु के लिए दोपहर की झपकी या नींद उसके सोने की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है. दोपहर की झपकी या नींद से शिशु की रात की नींद के समय पर प्रभाव पड़ता है.

Advertisement

ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ता केरेन थोर्पे ने बताया कि उनकी टीम यह पता लगा रही थी कि शिशुओं की दोपहर की नींद से उनकी रात की नींद की गुणवत्ता, उनके व्यवहार और शारीरिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है.

रिसर्च के बाद पाया गया कि दो साल से ऊपर के बच्चों में दोपहर की नींद का प्रभाव उनकी रात की नींद पर पड़ता है. शरीर के सही विकास, व्यवहार और पूरे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों में दोपहर की नींद भी शामिल है.

यह अध्ययन जर्नल 'अर्काइव्स ऑफ डिजीज इन चाइल्डहुड' के ऑनलाइन संस्करण में प्रकाशित हुआ है.

-इनपुट IANS

Advertisement
Advertisement