तीन दिवसीय e-साहित्य आजतक में शब्द, गीत और संगीत की धूम मची हुई है. e-साहित्य आजतक के दूसरे दिन बॉलीवुड के बेहतरीन गायक जावेद अली भी आमंत्रित थे. एंकर मीनाक्षी कांडवाल के अनुरोध पर दर्शकों से वह किस्सा शेयर किया कि कैसे वह उस्ताद गुलाम अली खान साहब के शिष्य बने. फिल्मी दुनिया के सबसे सफल गायकों में से एक जावेद अली ने बताया कि वह प्लेबैक सिंगर नहीं बनना चाहते थे. पर उनका समय बहुत गरीबी में बीता था. पैसे की जरूरत ने उन्हें मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री से जोड़ा. e-साहित्य आजतक के दूसरे दिन की अपनी प्रस्तुतियों से जावेद अली ने दर्शकों का दिल जीत लिया.