जब भी आओगे सीमा पर, इस धरती का वीर मिलेगा, बलिदानों की लहर सजाए, झेलम का हर तीर मिलेगा, 48, 65, 71 और कारगिल याद करो, भारत के बेटों के होते कभी नहीं कश्मीर मिलेगा....सैनिकों के बलिदान को बेहद नजदीक से से देख चुके सेना के अधिकारी रहे कर्नल (रिटायर्ड) वीपी सिंह वीर रस के कवि भी हैं. आज तक के मंच पर पाकिस्तान को चेतावनी देती उनकी कविता
Jab bhi aaoge seema par, es dharti ka veer milega, Balidano ki lahar sajaye, jhelam ka har teer milega: Deshbhakti Kavita, a patriotic poem by Retd Colonel VP Singh