साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2019' का आगाज हो गया है. कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार दोपहर सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की वाणी वंदना से हुई, जिसमें कलाकारों ने '...वर दे वीणावादिनी वर दे' को गुनगुनाया. कलाकारों ने अपनी मधुर आवाज से कार्यक्रम को एक नई ऊर्जा दी. बता दें कि साहित्य, कला, संगीत, संस्कृति का यह जलसा आज से 3 नवंबर तक चलेगा. साहित्य आजतक कार्यक्रम का आयोजन इस बार भी दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में किया गया है. वीडियो देखें.