साहित्य आजतक के मंच पर राजनेता, साहित्यकार और समाजसेवी डॉ. महुआ मांझी ने कहा कि विकास का पश्चिमी मॉडल प्रकृति के लिए खतरनाक है. उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति को जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करना चाहिए, न कि लोभ और लालच के हिसाब से. आज कार्यक्रम में दूसरे दिन 'जंगल, जमीन और किरदार' सेशन की शुरुआत लोक गीत पधारो म्हारे देश से हुई. देखें ये वीडियो.
MP and writer Mahua Manjhi participated in the Sahitya Aajtak program and threw light on the environment conservation. She advised that 'We should make use of nature as per required need'.