सान्या मल्होत्रा ने अपनी फिल्मी जर्नी को लेकर साहित्य आजतक से खुलकर बातचीत की. आमिर खान की दंगल से एक्ट्रेस ने अपने करियर की शुरुआत की थी. एक्ट्रेस ने बताया कि वो एक्टर बनने से पहले एक स्कूल में डांस सिखाया करती थीं. लेकिन ये उनका प्लान बी था, क्योंकि वो बचपन से एक्ट्रेस ही बनना चाहती थीं. लेकिन कभी किसी को बताया नहीं था. इसी के साथ सान्या ने अपने दंगल के सफर के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे उस वक्त लोगों ने उन्हें बातें सुनाई थी, क्योंकि वो सेकेंड लीड रोल में थीं.
पापा ने किया एम्बैरेस
सान्या एक नॉन-फिल्मी बैकग्राउंड से हैं. ऐसे में इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने को लेकर उन्होंने कई बातें बताई. सान्या ने दंगल से लेकर जवान तक, और अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में बात की. अपने फिल्मी सफर के बारे में बात करते हुए सान्या ने कहा- मैं पटपड़गंज से हूं. बचपन से मेरा सपना था एक्टर बनने का. मैं चुपचाप ये सपना देख रही थी. किसी ने पूछा नहीं तो मैंने कभी बताया नहीं. स्कूल खत्म हुआ तो मैंने सोचा अब बन सकती हूं. लेकिन फिर मम्मी कहती थीं, पहले ग्रैजुएशन करो फिर कुछ भी करो. मैंने किया, फिर मम्मी ने कहा पोस्ट ग्रैजुएशन करो. मैंने कहा नहीं, बहुत हो गया मम्मी, अब नहीं होगा.
लेकिन फिर मेरा प्लान भी थोड़ा गड़बड़ हो गया था. मैं डांस कर रही थी उस वक्त, तो मुझे लगा ठीक है, यही करते हैं. मैं मुंबई गई थी. वहीं रही कुछ दिन. लेकिन कुछ नहीं हो पाया. ये सब दस साल पहले की बात है. फिर वापस आ गई. पापा को बताया कि ये मेरा प्लान बी था, मुझे एक्ट्रेस बनना है. लेकिन फिर मैंने अपने सपने को छोड़ा नहीं था. बड़े सारे मौके थे जहां से मैं वापस आ सकती थी, लेकिन नहीं आई.
मैं जब मुंबई गई थी ना और मैं जो भी ऐड करती थी, वो पापा अपने पेन ड्राइव में सेव कर लेते थे. वो पेन ड्राइव टीवी में अटैच और जो भी घर आता था, उसे बैठा कर दिखाते थे. वो कहते थे आइये आपको सान्या टीवी दिखाता हूं. मैं एम्बेरेस हो जाती थी. फिर तो वो शॉप जाकर कहने लगे थे कि सान्या मल्होत्रा को जानते हो ना आप.
दंगल कैसे मिली?
सान्या ने कहा- मेरे पास कई मेथड रोल के ऑफर आते थे, तो मैं मना कर देती थी कि नहीं मेरे पास एक बड़ी फिल्म है. दो साल तक बिजी हूं. फिर मैंने दंगल का ऑडिशन दिया. मैं अपना मन बना कर गई थी कि बस यही है मेरा रोल. इसे तो मुझे पाना ही है. तीन महीने हो गए, कोई कॉल नहीं आया. बीच-बीच में खबरों में आता रहता था कि ये एक्ट्रेस कर रही हैं गीता का रोल, बबीता का रोल. फिर मेरी मम्मी के बर्थडे पर मैं वापस दिल्ली आई, तब मेरे पास कॉल आया कि आप शॉर्टलिस्ट हो गए हो. तो मैंने कहा मैं आज तो नहीं कल आउंगी. मेरे मन में मैं जानती थी कि मुझे वो फिल्म मिलेगी. मैं ही बबीता का रोल करुंगी.
दंगल के लिए मिले ताने
जब मुझे रोल मिला उसके बाद हमनें तैयारी शुरू की, रेसलिंग की. हमें बड़े सारे लोग बोलते थे, कि बाल काट दिए, बहुत टाइम लगेगा. तुम्हारी रेसलिंग है नहीं, इतना क्यों सीख रही हो, रोल तो है नहीं, एक मिनट की रेसलिंग है. बबीता का रोल है. फातिमा का मेन कैरेक्टर है. लेकिन मुझे मन में विश्वास था, मुझे लगता था कि मुझे ये पल वापस नहीं मिलेगा. मुझे कभी नहीं लगा कि मैं टाइपकास्ट हो जाउंगी. मुझे एक्टिंग करनी थी. वो मेरे लिए बहुत बड़ा ऑफर था. मुझे नहीं लगा था कि दंगल करते ही मेरी जिंदगी बदल जाएगी. आप मेहनत करोगे तो काम मिलता रहेगा. इसके बाद मुझे रितेश बत्रा का कॉल आया था. उनकी फोटोग्राफ फिल्म की. आप मेहनत करते रहो, फल जरूर मिलेगा.
इसी के साथ सान्या ने आगे कहा- मैंने शुरुआत दंगल जैसी फिल्म से की, तब कई लोग लड़का तक समझ लेते थे. कई लोग धक्का मार के चले जाते थे. तो मैं अपनी आवाज में एक्सक्यूज मी कहती थी. तो वो लोग कहते कि ओह सॉरी हमें लगा लड़का हो. मैंने वहां से जो शुरुआत की, तो मुझे पता था कि अलग अलग रोल करने हैं. मेरे दिमाग में हमेशा रहता है कि मुझे अलग कैरेक्टर्स ही करने हैं. मैंने एक साल में पांच फिल्मों की शूटिंग की. कटहल, मिसेज, सैम बहादुर, जवान, हिट, तो ये सब की कहानी बहुत अलग थी. मुझे हमेशा स्क्रिप्ट्स जब भी मिलती है, मैं यही देखती हूं कि कहानी और मेरा किरदार कितना अलग है.
सैम बहादुर के लिए दिए कई लुक टेस्ट
सैम बहादुर में मैंने सिल्लू मानेकशॉ का रोल निभा रही हूं. मुझे मेघना गुलजार का कॉल आया था. जैसा कि मैंने कहा मैं पटपड़गंज से हूं, मुझे आज भी विश्वास नहीं होता कि मैं एक्टर हूं. पर मेघना जी ने मुझे कहा कि स्क्रिप्ट पढ़ो फिर मुझे बताना. मैं तो स्क्रिप्ट पढ़ना भी नहीं चाहती थी, उन्होंने कहा नहीं पढ़ो फिर बताना. इतने लुक टेस्ट मैंने कभी लाइफ में नहीं किए. साथ ही सान्या ने को-स्टार विक्की कौशल में बात करते हुए कहा- विक्की बहुत फैंटास्टिक एक्टर हैं, वो बहुत प्रोफेशनल एक्टर हैं. बहुत मजा आता है उनके साथ काम करके. मैं बहुत लकी हूं कि उनके साथ काम करने का मौका मिला. वो फिल्म में भी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं.
आने वाली फिल्म मिसेज को लेकर एक्ट्रेस ने कहा- वो मलयालम फिल्म की रीमेक है. सात साल में पहली बार मैं इतनी खुश हुई हूं. मैं हमेशा अपनी किसी ना किसी फिल्म में कमी निकाल लेती हूं. लेकिन इस फिल्म में नहीं कर पाई. ये इतनी अच्छी बनी है. जैसे बधाई हो थी, जहां टीम का एफर्ट दिखा. बहुत अच्छी थी फिल्म. ओटीटी पर आई फिल्मों ने मेरा गेम चेंज कर दिया था. लॉकडाउन में कोई बाहर नहीं जा पा रहा था, थियेटर बंद थे, ओटीटी पर फिल्में रिलीज हो रही थी. लेकिन मैं अपनी फिल्मों से खुश थी. सबने अच्छा परफॉर्म किया था. ओटीटी से मेरे लिए बॉलीवुड का परसेप्शन चेंज हो गया था. मुझे एक्टर के रूप में लोग जानने लगे थे. मैंने बहुत कुछ सीखा. मैंने मेरे करियर में बहुत अच्छी ग्रोथ देखी.पगलैट से लोगों ने मेरे अंदर के एक्टर को पहचाना.
किसी रेस का हिस्सा नहीं सान्या
सान्या ने बताया कि उन्हें पटपड़गंज के मोमोज बहुत अच्छे लगते हैं. भाटिया के छोले भटूरे, गोल गप्पे, सिंग्ला की थाली, जहां से मैं अक्सर माउथ फ्रेशनर ले जाती थी, और रिक्शे में बैठकर खाती थी. सान्या ने बताया कि वो ये सब बिल्कुल मिस नहीं करती हैं, क्योंकि वो आज भी ये सब करती हैं. साथ ही बताया कि सान्या मल्होत्रा खुद को एक मेन एक्ट्रेस को तौर पर कहां देखती हैं? एक एक्टर के तौर पर आप ये सब नहीं सोचते हो. मुझे एक्टिंग से बेहद प्यार है. दर्शक ने देखा, आपको पसंद किया ये अच्छा लगता है. अब मैं ये थोड़े ना सोचुंगी कि मैं ए-लिस्ट हूं कि नहीं.