हंस राज हंस की रुहानी आवाज में एक रुहानियत के साथ ही पंजाब के माटी की खूशबू भी है. हाल में आयोजित साहित्य आजतक के मंच पर उन्होंने लोक संगीत का बेहद मधुर राग छेड़ा था..इसमें 'आजा वे माही तेरा रास्ता ओ देख रिया...' और 'नित खैर मंग्या' जैसे गीत शामिल थे. आप भी सुनें...