'रे कनवा में शोभे वाली' से लेकर 'आरा हिले बलिया हिले छपरा हिले ला, जब से साहित्य आईल आज तक पे'...और 'जिया हो बिहार क लाला, जिया तू हजार साला..'.तक मनोज तिवारी की लोकधुनों से सजी गायिकी एक बार फिर सुनिए साहित्य आज तक पर