साहित्य आजतक के सत्र- ‘विचारधारा का साहित्य’ में लेखक सुधीश पचौरी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी और आलोचक-लेखक अनंत विजय ने शिरकत की. इस सत्र में, विचारा धारा साहित्य को बनाती है या साहित्य विचारधारा को बनाता है. दोनों एक दूसरे को मजबूत करते हैं या कमजोर करते हैं, दोनों में से किस पर किसकी छाया होती है और दोनों में कौन किसको आगे बढ़ता है और कौन किसको पीछे खींचता है? इन सारे सवालों पर तीनों अतिथियों ने विस्तार से अपनी बात रखी. कार्यक्रम के पश्चात प्रभात प्रकाशन से छपी सच्चिदानंद जोशी की पुस्तक 'पल भर की पहचान' का लोकार्पण भी हुआ. वीडियो देखें.