मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 की शुरुआत हो गई है. इस योजना में प्रदेश के जरूरतमंद हितग्राहियों के लिये 10 आवास बनाए जाएंगे. इस योजना का लाभ उन हितग्राहियों को दिया जाएगा, जिन्हें किसी कारण से अब तक आवास योजना का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है. नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इसको लेकर मैदानी अमले को निर्देश दे दिए हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के आवेदन संबंधी जानकारी नजदीकी नगरीय निकायों से प्राप्त की जा सकती है. योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए ेंद्र सरकार ने यूनीफाइड वेब पोर्टल पर भी जानकारी अपलोड की है.
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में 4 प्रकार के घटक शामिल किए गए हैं. हितग्राही आवेदन करते समय अपनी पात्रता और आवश्यकता के अनुसार घटक का चयन कर सकते हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में देश में एक करोड़ आवास और मध्यप्रदेश में 10 लाख आवास बनाये जाने का कार्यक्रम तैयार किया गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में विशेष वर्गों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है. इनमें पीएम स्वनीधि योजना, भवन निर्माण श्रमिक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर, सफाई कर्मी और झुग्गी बस्ती में रहने वाले परिवार शामिल हैं.
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 में 8 लाख 25 हजार आवास बनकर हो गए हैं तैयार
मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में अब तक 8 लाख 25 हजार जरूरतमंद हितग्राहियों के आवास निर्माण पूरे किए जा चुके हैं. प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में 9 लाख 45 हजार आवास स्वीकृत किए गए थे. प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के प्रथम चरण के क्रियान्वयन की सम्पूर्ण अवधि में मध्यप्रदेश देशभर में अग्रणी स्थान पर है. योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश और प्रदेश की कई नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं.
स्वीकृत आवासों के निर्माण कि लिए केंद्र का हिस्सा और राज्य की अनुदान राशि 19 हजार 700 करोड़ रुपये और क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम (CLSS) घटक के लिए ब्याज अनुदान के रूप में 3 हजार 900 करोड़ रुपये, इस प्रकार कुल राशि 23 हजार 600 करोड़ रुपये स्वीकृत की जा चुकी है. हितग्राहियों को अब तक 22 हजार 800 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है.