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MP News: देश में चीतों के इकलौते घर बने श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में साउथ अफ्रीका से लाए गए 12 नए चीतों को यहां 46 घंटे हो गए हैं. इस दौरान सोमवार सुबह तक डॉक्टरों की टीम ने 6 बार क्वारंटाइन बाड़ों में जाकर चीतों का हेल्थ चेकअप किया, जिसमें वह शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट पाए गए हैं. चीतों के लिए सुबह पानी रखा और खाने में मांस दिया गया. चीतों ने पानी भी पिया और मांस भी खाया. चीतों का दूसरा दिन मस्ती भरे में माहौल बीता. इससे एक्सपर्ट मान रहे हैं कि चीते जल्द ही नए माहौल में ढल जाएंगे.
दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग से 7929 किमी का सफर तय कर 12 चीते (5 मादा और 7 नर ) 18 फरवरी को शनिवार सुबह 11:30 बजे कूनो नेशनल पार्क पहुंचे थे. जिन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्रियों ने पार्क में बनाए गए क्वारंटाइन बाड़ों में छोड़ा था. इन क्वारंटाइन बाड़ों में रहते हुए चीतों को 45 घंटे बीत गए हैं. सभी चीते नए घर, नए महौल में आने के बाद अच्छा महसूस कर रहे हैं.
डॉक्टरों की टीम ने बीती रात से लेकर सोमवार की सुबह तक 6 बार चीतों की निगरानी कर स्वास्थ्य परीक्षण किया. परीक्षण के दौरान रात को सभी चीते सोते हुए नजर आए. वहीं, सुबह कुछ चीते बाड़ों में इधर-उधर घूमते दिखाई दिए.
चीतों के लिए बाड़ों में बने हौद में पानी भरा गया, जिसमें जाकर चीतों ने चार-पांच बार पानी पिया. चीतों को खाने में मांस दिया गया. जिसको चीतों ने बड़े चाव से खाया. मॉनिटिंग टीम ने चीतों के खाना खाने और भोजन करने को निगरानी में रखा है.
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने Aajtak को बताया, साउथ अफ्रीका से आए चीते पार्क के क्वॉरेंटाइन बाड़ों में फिट हैं. उन्होंने लंबा सफर तय करने के बाद यहां नींद से जागकर मस्ती की और पानी भी पिया. साथ ही उन्हें भोजन के रूप में परोसे गए मांस को भी खाया है. मॉनिटरिंग टीम लगातार उनकी सेहत पर निगरानी रख रही है.
इस तरह बाड़ों में रखे गए 12 चीते
कूनो नेशनल पार्क में साउथ अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों को एक से डेढ़ माह तक क्वारंटाइन रखने के लिए बनाए गए 10 बाड़ों में से जिस तरह से रखा गया, उसके अनुसार चार नर चीता 2 बाड़ों में रहेंगे. इसके अलावा, 3 नर चीते तीन अलग-अलग बड़ों में रहेंगे. इस तरह सात नर चीता कुल 5 बाड़ों में रहेंगे. जबकि सभी 5 मादा चीता अलग-अलग बाड़ों में रहेंगे. बता दें कि दो बाड़ों में एक रखे गए चीते साउथ अफ्रीका में भी साथ-साथ रहते थे. इसलिए इनको यहां भी साथ रखा गया है.
PM मोदी खोले थे दरवाजे
पिछले साल 17 सितंबर को इसी कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेअपने हाथों से विशेष बाड़े में छोड़कर चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी. नामीबिया से लाए गए सभी 8 चीतों ने यहां सर्वाइव कर प्रोजेक्ट के पहले चरण को सफल बना दिया है. इसी बीच, बीते शनिवार को साउथ अफ्रीका से आए 12 नए चीते भी अब उन्हीं के साथ नए घर में अपने को एडजस्ट करने की कवायद में जुट गए हैं.
चीतों की अब तक की प्रगति पर मंथन करेंगे विशेषज्ञ
चीता प्रोजेक्ट के तहत कंसल्टेटिव वर्कशॉप ऑन चीता मैनेजमेंट पर केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एक दिनी कार्यशाला आयोजित की जा रही है. इस कार्यशाला में पीसीसीएफ जेएस चौहान, एनसीटीए दिल्ली से सचिव एसपी यादव, आईजी अमित मलिक, डीआइजी राजेंद्र गारवाड़ मौजूद रहेंगे.
वहीं, सुप्रीम कोर्ट मानीटरिंग कमेटी के अध्यक्ष रंजीत सिंह, चीता प्रबंधन के लिए विख्यात डॉ. स्टीफन ओ-ब्रायन और डॉ. लॉरी मार्कर के साथ नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के सात विशेषज्ञ इसमें हिस्सा लेंगे.
मध्यप्रदेश वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और क्षेत्रीय अधिकारी भी इसमें हिस्सा लेंगे. कार्यशाला के दौरान कूनो नेशनल पार्क में चीतों की पुर्नस्थापना की अभी तक की प्रगति, भविष्य की योजनाओं के संबंध में और चीता प्रबंधन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर प्रेजेंटेशन और चर्चा होगी.