मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में 13 साल के बच्चे की जीजा-साले ने मिलकर हत्या कर दी. हत्या का कारण बस इतना-सा था कि सेल्फी लेने के लिए मासूम ने आरोपियों को अपना फोन नहीं दिया था. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
मामला अशोकनगर जिले के चन्देरी थाना इलाके के पाड़री गांव का है. 4 जनवरी को मासूम सुनील आदिवासी (13 साल) को अरुण आदिवासी और उसके जीजा विजेंदर आदिवासी ने सिर पर पत्थर मारकर मौत के घाट उतार दिया.
दरअसल, बच्चे ने अपना फोन सेल्फी लेने नहीं दिया तो यह बात अरुण को नागवार गुजर गई थी. इसके बाद अरुण क्रिकेट देखने का कहकर अपनी बाइक से सुनील को ले गया और फिर रास्ते में जीजा विजेंदर के साथ मासूम के सिर को पत्थर से कुचल दिया.
हत्या के बाद मासूम की लाश को मोटरसाइकिल के बीच में रखकर आरोपी अपने घर ले गए. रात भर उसको अपने घर में ही रखा. वहीं, सुबह 4 बजे के लगभग आरोपियों ने लाश को जंगल में ले जाकर फेंक दिया.
मृतक बच्चे के पिता ज्ञानी आदिवासी ने पुलिस को बताया, सुनील 4 जनवरी की रात को घर नहीं लौटा तो उन्हें लगा किसी रिश्तेदार के घर रुक गया होगा. लेकिन सुबह तक सुनील नहीं आया. इसके बाद पिता को जंगल में बेटे के शव की जानकारी लगी.
सुनील के पिता ने जांच के दौरान पुलिस को बताया कि उनका बेटा जब घर से गया था तो वह नीली शर्ट व नीला पैंट पहनकर गया था. लेकिन जब उसकी लाश मिली तो उसके शरीर पर चौकड़ी की शर्ट थी, जो कि अरुण आदिवासी की बताई गई.
इससे पुलिस ने चार दिन पहले हुए इस अंधे कत्ल का खुलासा कर आरोपी जीजा-साले को गिरफ्तार कर लिया.