मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के पास चोरल इलाके के जंगल में तेंदुए ने 7 साल की बच्ची पर हमला कर दिया. जंगली जानवर के एक अटैक में मासूम की दर्दनाक मौत हो गई. हालांकि, गांववालों ने तेंदुए से घायल बच्ची को समय रहते छुड़ा लिया, वरना खूंखार जानवर उसे जंगल की तरफ लेकर भाग रहा था.
इंदौर रेंज के डीएफओ नरेंद्र पांडवा ने बताया कि बच्ची रात को अपनी मां के साथ झोपड़ी के बाहर सो रही थी, तभी तेंदुआ आया और बच्ची की गर्दन दबोचकर ले जाने लगा. दर्द होते ही मासूम चीखने-चिल्लाने लगी. यह सुनकर परिजन हड़बड़ाकर नींद से जागे और देखा कि एक तेंदुआ अपने नुकीले दांतों में बच्ची की गर्दन को दबाए हुए भागने की तैयारी में है.
परिवार ने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और मासूम को लेकर भाग रहे तेंदुए को पत्थर मारने शुरू कर दिए, जिससे जानवर ने मासूम को वहीं पटक दिया और वो तेजी से जंगल की ओर भाग निकला. गांववाले जब तक बच्ची के पास पहुंचे, तब तक उसकी सांसें थम ही चुकी थीं. हालांकि, लगभग मरणासन्न स्थिति में पहुंच चुकी मासूम को अस्पताल भी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
डॉक्टरों के मुताबिक, तेंदुए के दांत बच्ची की गर्दन में काफी अंदर तक घुस गए थे, जिससे श्वास नली को नुकसान हुआ और बच्ची की मौत हो गई.
उधर, डीएफओ नरेंद्र पांडवा ने बताया कि मृतक बच्ची के परिजनों को शुरुआती तौर पर 20 हज़ार रुपए का मुआवजा दिया जा चुका है. वहीं, 4 लाख रुपए भी राज्य सरकार की तरफ से परिवार को दिए जाएंगे.
बता दें कि चोरल के जंगलों में तेंदुए के हमले की पहले भी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. फिलहाल पगमार्ग के जरिए तेंदुए के बारे में पता लगाया जा रहा है.