पड़ोसी राज्य गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित लोगों के पुनर्वास की मांग को लेकर मध्य प्रदेश में आंदोलन कर रही कार्यकर्ता मेधा पाटकर को समर्थन देने के लिए कई राज्यों के लोग और किसान संगठन आगे आए हैं.
नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता पाटकर विस्थापितों के पुनर्वास के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रियान्वयन को लेकर पिछले छह दिनों से धार जिला मुख्यालय से करीब 125 किलोमीटर दूर चिखल्दा गांव की खेड़ा बस्ती में विरोध प्रदर्शन कर रही हैं.
ओडिशा से कार्यकर्ता प्रफुल्ल सामंतरा और महाराष्ट्र तथा उत्तर प्रदेश से अन्य लोग तथा पूर्व विधायक और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता डॉ. सुनीलम पाटकर के चल रहे आंदोलन का समर्थन करने के लिए बुधवार को खेड़ा बस्ती पहुंचे.
सुनीलम ने बताया, "हम पाटकर को समर्थन देने और उनसे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए यहां आए हैं. हमने राज्य और केंद्र को चेतावनी दी है कि अगर पुनर्वास की मांग जल्द पूरी नहीं हुई तो पाटकर से जुड़े लोग पूरे देश में यह आंदोलन करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में सरदार सरोवर परियोजना के मध्य प्रदेश स्थित विस्थापितों को आर्थिक मुआवजा देने का आदेश दिया था.
पूर्व विधायक सुनीलम ने कहा, सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए फैसले को जल्द ही लागू किया जाना चाहिए. इसमें यह भी प्रावधान है कि प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक करेंगे और स्थिति को समझेंगे. उन्होंने मांग की कि परियोजना से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य और केंद्र जल्द ही इस बैठक का आयोजन करे.