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आदिल पठान बना आदित्य आर्य... बोला-सपने में आते हैं महादेव, आज पूरी हुई इच्छा

मध्य प्रदेश के खंडवा में आदिल पठान ने सनातन धर्म अपनाकर आदित्य आर्य बन गया. युवक का कहना है कि वह बचपन से ही हिंदू धर्म से प्रभावित था. उसने बहुत सोच समझकर धर्म बदलने का निर्णय लिया है. इसके लिए किसी का दबाव नहीं था. लंबे समय सनातन धर्म अपनाने की इच्छा थी, वो आज पूरी हो गई है. अब मुझे बहुत अच्छा लग रहा है.

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मंदिर में पूजा करता आदित्य आर्य.
मंदिर में पूजा करता आदित्य आर्य.

मध्य प्रदेश के खंडवा में एक मुस्लिम युवक आदिल पठान ने धर्म परिवर्तित कर सनातन धर्म अपना लिया. युवक ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के पहले नोटरी के पास अपना शपथपत्र देकर अपना नाम आदिल से आदित्य आर्य किया. फिर सिर मुंडवाकर, गंगाजल से स्नान किया और विधि विधान से सनातन अपना लिया. 

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जानकारी के मुताबिक, आदिल पठान से आदित्य आर्य बना युवक मूल रूप से नर्मदा नगर का रहने वाला है. उनका परिवार कुछ साल पहले खंडवा के रामनगर में आकर बस गया था. आदित्य पिछले आठ साल से अपने परिवार से अलग रह रहा था. आदित्य ने बताया कि वह जब पंद्रह महीने का था, तब उसकी मां की मौत हो गई थी. इसके बाद पिता ने दूसरी शादी की.

सनातन धर्म अपनाने की थी इच्छा

सौतेली मां का उसके साथ व्यवहार अच्छा नहीं था. वहीं, पिता भी उसकी परवाह नहीं करते थे. मैं पिछले कई सालों से दादाजी मंदिर, सिंगाजी मंदिर और महादेवगढ़ जाता हूं. आज मैंने जो कुछ भी किया है, वह अपने मन से किया है. काफी लंबे समय सनातन धर्म अपनाने की इच्छा थी, वो आज पूरी हो गई है. मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. मैं आदिल पठान से आदित्य आर्य बन चुका हूं. 

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स्वप्न में भी आते रहते हैं महादेव

बता दें कि आदिल की घर वापसी में हिंदू नेता और महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने बताया कि आदिल महादेवगढ़ मंदिर में आया और दर्शन के बाद फूट-फूटकर रोने लगा. मैंने पूछा, तो उन्होंने बताया कि आदिल नाम है मेरा और मुझे स्वप्न में भी महादेव आते रहते है. मैं बचपन से ही सनातन धर्म से प्रेरित हूं.

भोलेनाथ होंगे पिता और पार्वती होंगी माता- मंदिर के संरक्षक

आदिल ने आगे बताया कि मेरे धर्म में हिंसा होती है और अन्य धर्मों का अनादर सिखाया जाता है. उससे मैं काफी व्यथित हूं. मैं दादाजी मंदिर भी नियमित जाता हूं. उसने आग्रह किया कि मेरी विधिवत घर वापसी कराई जाए. हमने कहा कि तुम भोले के दरबार में घर वापसी की इच्छा रख रहे हो, तो यह अवश्य पूरी होगी. सोमवार सुबह अपना प्रायश्चित कर्म पूरा कर सनातन धर्म अपनाया है. अब भोलेनाथ इनके पिता और पार्वती इनकी माता होंगी. 

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