मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बीती रात वन विभाग की टीम ने नेशनल हाइवे-44 के पास कच्चे रास्ते से रेत ले जा रहे एक डंपर को पकड़ा. डंपर चालक दीवान ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया कि यह वाहन राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के बड़े बेटे बंकू उर्फ कप्तान कंसाना का है. इस घटना ने न केवल वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि प्रदेश की सियासत को भी गरमा दिया है.
दरअसल, वन विभाग की टीम ने देर रात गश्त के दौरान चंबल नदी से रेत ले जा रहे डंपर को देखा. पीछा करने के बाद उसे एनएच-44 पर रोक लिया गया. डंपर को जब्त कर डिपो लाया गया, जहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने ड्राइवर दीवान से पूछताछ की.
ड्राइवर ने कहा, "यह डंपर बंकू भैया का है, जो मंत्री एदल सिंह कंसाना का बेटा है. मुझे हर दिन रेत भरकर उनके बताए स्थान पर डालना होता था. इसके बदले मुझे रोज़ 1000 रुपए मिलते थे." उसने आगे बताया कि वह हाल ही में बायपास सड़क बनाने वाले प्लांट पर रेत डाल रहा था.
ड्राइवर के मुताबिक, चंबल से बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और ट्रक अवैध रेत का परिवहन कर रहे हैं, जिसमें लोडर भी लगे हैं. डंपर पर "SS Kansana" और 'बंकू' लिखा था, साथ ही दो मोबाइल नंबर (7049551111 और 9425144665) भी अंकित थे.
बंकू कंसाना का जवाब
इस मामले में बंकू कंसाना ने 'aajtak' से बातचीत में आरोपों का खंडन किया. उन्होंने कहा, "इस डंपर से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, न ही मैं इस ड्राइवर को जानता हूं. सुबह 7:30 बजे मुझे इसकी जानकारी मिली. वीडियो में कुछ लोग ड्राइवर पर मेरा नाम लेने का दबाव बनाते दिख रहे हैं. यह ट्रक मेरा नहीं है. जांच से पता चला कि यह कैलारस के जंडेल सिंह कुशवाह का है. मैं रेत का व्यापार नहीं करता. ट्रक पर मेरा नंबर लिखा है, लेकिन कोई भी इसे लिख सकता है. यह एक साजिश है. मैं इसके खिलाफ मानहानि का दावा करूंगा, मेरे वकील से बात हो गई है."
वन विभाग का रुख
वन विभाग के एसडीओ भूरा गायकवाड़ ने कहा, "हमने रेत से भरा डंपर पकड़ा और चालक को गिरफ्तार किया. डंपर का मालिक कौन है, यह जांच का विषय है. वह नेता हो सकता है या नहीं भी. हम इसकी तह तक जाएंगे." हालांकि, ऑफ-कैमरा अधिकारियों ने ड्राइवर के बयान को सही माना. यह कार्रवाई चंबल में अवैध रेत उत्खनन पर लगातार हो रही किरकिरी के बाद की गई.
मंत्री का पुराना बयान और सियासी तंज
कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने हाल ही में भोपाल में कहा था, "मुरैना में कोई रेत माफिया नहीं है, ये पेट माफिया हैं जो पेट पालते हैं." इस बयान के बाद अब उनके बेटे का नाम सामने आने से विवाद बढ़ गया है.
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एमपी कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर हमला बोला. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, "रेत माफिया को पेट माफिया कहने वाले मंत्री का बेटा भी रेत की माफियागिरी से पेट पाल रहा है. ट्रक पर नाम और ड्राइवर का बयान सबूत हैं. जब मंत्री का घर ही रेत से चल रहा हो, तो पुलिस कार्रवाई कैसे करेगी?" कांग्रेस ने इसे सरकारी संरक्षण का उदाहरण बताया.
पहले भी लगे हैं आरोप
एदल सिंह कंसाना और उनके परिजनों पर पहले भी अवैध रेत से जुड़े आरोप लगते रहे हैं. बंकू पर तीन साल पहले राजस्थान के धौलपुर में पुलिस से ट्रक छुड़ाने का केस दर्ज हुआ था. मुरैना के सराय छोला थाने में भी ऐसा ही मामला दर्ज है, लेकिन प्रभाव के चलते हर बार क्लीन चिट मिली. उनके नाती केपी कंसाना पर सीबीआई में भी केस दर्ज हो चुका है.
बहरहाल, यह घटना मुरैना में अवैध रेत कारोबार की गहरी जड़ों को उजागर करती है. वन विभाग की कार्रवाई और ड्राइवर के बयान ने सत्ताधारी दल के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. अब जांच के नतीजे ही तय करेंगे कि इस मामले में सच क्या है. फिलहाल, यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में तूल पकड़ता दिख रहा है.