इंदौर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे अक्षय कांति बम ने नामांकन वापसी समेत बीजेपी में शामिल होने को लेकर सफाई पेश की. कांग्रेस के पूर्व उम्मीदवार ने दावा किया कि चुनावी प्रचार के लिए पार्टी संगठन की ओर से सहयोग न मिलने के कारण उन्हें चुनाव की दौड़ से बाहर होना पड़ा.
दरअसल, 29 अप्रैल को बम के अंतिम समय में नामांकन वापस लेने से कांग्रेस इंदौर सीट पर चुनाव की दौड़ से बाहर हो गई. इसके बाद कांग्रेस छोड़ अक्षय बम ने बीजेपी का दामन भी थाम लिया था.
पेशे से बिजनैसमैन बम ने इंदौर के BJP कार्यालय में मीडिया से अपनी सफाई में कहा, कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुने जाने के बाद मैंने वोट हासिल करने के लिए खुद कड़ी मेहनत की, लेकिन इतना बड़ा चुनाव पार्टी संगठन के सहयोग के बिना नहीं लड़ा जा सकता था."
जीतू पटवारी को बताई थी बात
उन्होंने दावा किया कि जब वह कांग्रेस के उम्मीदवार थे तो उनके चुनाव कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए और उनकी प्रचार सामग्री बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं तक नहीं पहुंची. दौड़ से हटने से पहले बम ने मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से तीन बार बात की थी और सहयोग न मिलने की बात कही थी.
बम ने कहा, मैंने मध्य प्रदेश और दिल्ली के नेताओं को लिखा कि मैं (चुनाव प्रचार के लिए) कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की चुनावी बैठकें और रैलियां आयोजित करना चाहता हूं."
'इंदौर एयरपोर्ट से लौट गए नेता'
बम ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता दो घंटे तक इंदौर हवाईअड्डे पर मौजूद थे लेकिन उनकी रैली आयोजित नहीं करवाई गई. बम ने संबंधित नेता के नाम का खुलासा करने से इनकार कर दिया.
'लगता है मुझ पर भरोसा ही नहीं था'
कांग्रेस की ओर से की गई आलोचना का जवाब देते हुए बम ने कहा, 'गद्दार' की परिभाषा क्या है? कांग्रेस ने स्थानीय नेता मोती सिंह को डमी उम्मीदवार क्यों बनाया? इससे पता चलता है कि उन्होंने ऐसा किया? इससे पता चलता है कि उन्हें मुझ पर भरोसा ही नहीं था.''
जब पूछा गया कि क्या 17 साल पुराने जमीन हड़पने के मामले में उनके खिलाफ हत्या के प्रयास (307) का आरोप जोड़ने के पांच दिन बाद आप दौड़ से बाहर हो गए? तो बम ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि इंदौर सीट से मुझे कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद जानबूझकर ऐसे मामले सामने लाए गए.
'ताई' के बयान टिप्पणी नहीं
अक्षय कांति बम ने बीजेपी की दिग्गज नेता सुमित्रा महाजन की उस टिप्पणी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. महाजन ने बम के अंतिम समय में चुनाव मैदान से बाहर होने पर आश्चर्य जताया था और इसे अनुचित बताया था. उन्होंने यह भी कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाताओं को निर्णय लेने का अधिकार है.
BJP नेता बन चुके अक्षय कांति बम ने कहा, "ताई (महाजन) न केवल इंदौर की नेता हैं, बल्कि वह देश की भी बड़ी नेता हैं. मैं उनके बयान पर टिप्पणी करने के लिए बहुत छोटा हूं."