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कूनो नेशनल पार्क में एक और चीता 'शौर्य' की मौत, मॉनिटरिंग टीम को बाडे़ में मिला था घायल

कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए चीता 'शौर्य' की मौत हो गई है. मॉनिटरिंग टीम को चीता घायल अवस्था में मिला था, जिसका उपचार किया गया. मगर, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. अब तक कूनो में नामीबिया और साउथ अफ्रीका से आए कुल 20 चीतों में से अब तक 10 चीते की मौत हो चुकी है. इनमें मादा चीता ज्वाला के तीन शावक भी शामिल है.

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चीता 'शौर्य'की फाइल फोटो.
चीता 'शौर्य'की फाइल फोटो.

मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित देश की इकलौती चीता सफारी के रूप में विकसित हो रहे कूनो नेशनल पार्क से एक बुरी खबर फिर से सामने आई है. नामीबिया से लाए गए चीता 'शौर्य' की मौत हो गई है. मॉनिटरिंग टीम को चीता घायल अवस्था में मिला था, जिसका उपचार किया गया.

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मगर, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मुख्य वन संरक्षक लायन प्रोजेक्ट द्वारा अधिकारिक रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी सूचना दी गई.

इलाज के दौरान करीब 3 बजे हुई मौत

जानकारी के मुताबिक, नामीबिया से लाए गए चीता शौर्य को बडे़ बाडे़ में रखा गया था. मॉनिटरिंग टीम ने मंगलवार सुबह 11 बजे अचेत अवस्था में पाया. उसे तत्काल ट्रेंकुलाइज कर ऑब्जर्वेशन में लिया गया और सीपीआर दी गई. इसके बाद उसे कुछ क्षण के लिए होश भी आया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका. इलाज के दौरान करीब 3 बजे उसने दम तोड़ दिया. 

इसके बाद कूनो प्रबंधन ने इसकी सूचना भोपाल और दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों को दी. वहीं, पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव ने फोन बताया कि शौर्य नामक चीता की मौत हुई है. मौत की असली वजह पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगी.

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कूनो में 13 वयस्क चीते समेत मौजूद हैं 4 शावक

बता दें कि जानकारी के मुताबिक, अब तक कूनो में नामीबिया और साउथ अफ्रीका से आए कुल 20 चीतों में से अब तक 10 चीते की मौत हो चुकी है. इनमें मादा चीता ज्वाला के तीन शावक भी शामिल है. अभी कूनो में केवल 13 वयस्क चीते समेत 4 शावक मौजूद हैं.

चीता प्रोजेक्ट के दौरान अभी तक कब और कौन से चीते की गई जान?

17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क के बाडे़ में छोड़कर चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी. इसके बाद 18 फरवरी 2023 को साउथ अफ्रीका से 12 चीतों की नई खेप कूनो नेशनल पार्क में पहुंची. 26 मार्च 2023 को मादा चीता साशा की किडनी इंफेक्शन से मौत हो गई. फिर 23 अप्रैल 2023 को नर चीता उदय की दिल के दौरे से मौत हो गई.

9 मई 2023 को मादा चीता दक्षा की मौत हो गई. 23 मई 2023 को ज्वाला के एक शावक की मौत, 25 मई 2023 को ज्वाला के दो और शावकों की मौत. इसके बाद 11 जुलाई 2023 को दो नर चीता तेजस और सूरज आपसी संघर्ष में घायल हो गए, जिनमें से तेजस की उसी दिन मौत हो गई. वहीं, 14 जुलाई 2023 को नर चीता सूरज ने भी दम तोड़ दिया. इसके अलावा 2 अगस्त 2023 को मादा चीता धात्री की मौत. 16 जनवरी 2024 को चीता शौर्य की भी मौत के बाद अब कूनो पार्क में कुल 13 वयस्क एवं 4 शावक मौजूद हैं.

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