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चीता गामिनी के गर्भ से जन्मे एक और शावक की मौत, 29 जुलाई से चल रहा था इलाज

श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में 29 जुलाई को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर का इलाज कराने के बाद आज शावक की मौत हो गई. यह मादा चीता गामिनी के 5 शावकों में से एक था. अब कूनो में 13 वयस्क और 12 शावकों समेत कुल 25 चीते हैं, जो स्वस्थ हैं.

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फाइल फोटो.
फाइल फोटो.

मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीता गामिनी के गर्भ से जन्मे एक और शावक की मौत हो गई है. 29 जुलाई से रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर का चल रहे इलाज के बाद आज शावक की मौत हो गई. यह मादा चीता गामिनी के 5 शावकों में से एक था. कूनो प्रबंधन के अनुसार, जब कूनो के वनकर्मी नियमित निगरानी के तहत 29 जुलाई को गामिनी के पास पहुंचे तो पाया कि उसके 4 शावक स्वस्थ थे. लेकिन एक शावक चलने में असमर्थ था.

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इसके बाद जब उसे चलाने की कोशिश की गई तो वह अपने आगे के दो पैरों पर चल रहा था, लेकिन शरीर का पिछला हिस्सा घसीट रहा था. जिसके बाद उसे रेस्क्यू किया गया और इलाज शुरू किया गया. लेकिन सोमवार 5 अगस्त को उसकी मौत हो गई. अब कूनो में 13 वयस्क और 12 शावकों समेत कुल 25 चीते हैं, जो स्वस्थ हैं. 

दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को लाया गया

बता दें कि 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से जिन 12 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में लाया गया था, उनमें से मादा चीता गामिनी भी थी. पांच साल की गामिनी ने 10 मार्च को 6 शावकों को जन्म दिया था. कूनो प्रबंधन ने मदर्स-डे पर गामिनी और उसके शावकों की मौज मस्ती करते हुए वीडियो व फोटो भी जारी किए थे. मगर, 5 जून को एक शावक की मौत हो गई थी.

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यहां बता दें कि पिछले साल से लेकर अब तक 5 शावकों सहित कुल 11 चीतों की मौत हो चुकी है. पिछले साल गर्मी में ज्वाला चीता के शावकों की मौत हो गई थी, जिसे देखते हुए कूनो प्रबंधन ने चीता और शावकों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए कई प्रबंध किए थे.

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