मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तपिश बढ़ गई है. बीजेपी को उसी के राजनीतिक हथियार से मात देने का तानाबाना कांग्रेस बुन रही ही. एमपी की सियासत में इन दिनों बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री लगातार सुर्खियां में बने हुए हैं. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलानथ धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में अर्जी लगाने बागेश्वर धाम जाएंगे. कमलनाथ 13 फरवरी को धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात करेंगे और बागेश्वर धाम में हनुमान जी का दर्शन करेंगे.
हिंदुत्व के पिच पर कमलनाथ
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कमलनाथ हिंदुत्व के पिच पर उतरकर बैटिंग कर रहे हैं. पिछले दिनों उन्होंने जबलपुर के ग्वारीघाट पर मां नर्मदा का पूजन किया था. कांग्रेस की सूबे में सरकार बनते ही नदियों के संरक्षण के लिए आयोग गठन की घोषणा भी कर चुके हैं. एमपी में पुजारियों के मानदेय को लेकर भी बीजेपी को घेर रहे हैं. कांग्रेस पुजारी मानदेय को एक हजार से बढ़ाकर तीन हजार करने को धर्म और आस्था प्रेमी कमलनाथ को बताकर शिवराज सरकार को घेर रही है.
बागेश्वर धाम पहुंचेगे कमलनाथ
कमलनाथ लगातार धार्मिक यात्राएं कर सियासी चर्चा में बने हुए हैं. आगामी 13 फरवरी को वह बागेश्वर धाम पहुंचकर मंदिर में दर्शन करेंगे और धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात भी करेंगे. कमलनाथ बागेश्वर धाम ऐसे समय जा रहे हैं जब विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और धीरेंद्र शास्त्री लगातार चर्चा में है. धीरेंद्र शास्त्री की लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ी है.
कांग्रेस के लिए बागेश्वर धाम को इग्नोर करना मुश्किल हो रहा था, क्योंकि धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों सनातन का चेहरा बनते जा रहे हैं. धीरेंद्र शास्त्री ने 13 से 19 फरवरी तक बागेश्वर धाम में धार्मिक आयोजन कर रहे हैं, जिसमें देश के मशहूर और प्रसिद्ध कथावचक शिरकत करेंगे. इस तरह से देशभर के 21 कथावचक-भजन गायकों को एक जगह पर इकट्ठा करेंगे. शिवरात्रि के मौके पर एक बड़ा मेला भी लग रहा है. सत्ताधारी पार्टी के नेता धीरेंद्र शास्त्री के आगे नतमस्तक हैं तो कांग्रेस कैसे पीछे रहने वाली है.
बीजेपी के एजेंडे को हाईजैक का प्लान!
एमपी चुनाव से ठीक पहले हिंदुत्व के एजेंडे को बीजेपी धीरेंद्र शास्त्री के जरिए हाईजैक करे ले, उस से पहले कांग्रेस ने सही समय पर दांव चल दिया है. खुद को हनुमान भक्त और साफ्ट हिंदुत्व का पक्षधर बताने वाले कमलनाथ बागेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में अर्जी लगाने पहुंच रहे हैं. कमलनाथ ने बागेश्वर धाम जाने के लिए उसी दिन को चुना है, जिस दिन धीरेंद्र शास्त्री धार्मिक आयोजन शुरू कर रहे हैं. इस तरह से कमलनाथ ने बीजेपी के सियासी हथियार से उसे ही काउंटर करने की रणनीति बनाई है.
बता दें कि कमलनाथ धार्मिक यात्राओं को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उन्होंने राहुल गांधी के साथ ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर में दर्शन पूजन किया था, मां नर्मदा का भी पूजन किया था. हाल ही में जबलपुर में भी नर्मदा जयंती महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इसके अलावा प्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा के साथ भी चर्चा के उनके वीडियो सामने आ चुके हैं. हनुमान पूजन, कृष्ण भक्ति से लेकर अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भी कमलनाथ नजर आए हैं.
कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते ॐ सर्किट, राज्य में एक हजार गौशाला बनवाने का काम किया. राज्य के पुजारियों का मानदेय बढ़ाया और मंदिरों को माफियाओं से मुक्त किया. कांग्रेस उन्हें हिंदू धर्म के रास्ते पर चलने वाला नेता बता रही है. कमलनाथ भी बीजेपी को हिंदुत्व की पिच पर कांग्रेस को घेरने का किसी तरह का कोई मौका नहीं दे रहे हैं. मध्य प्रदेश के चुनावी तपिश के बीच कमलनाथ बागेश्वर धाम पहुंचकर राजनीतिक समीकरण साधने का दांव चल रहे हैं. ऐसे में अब देखना है कि धीरेंद्र शास्त्री का झुकाव किसकी तरफ होता है?