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MP: बागेश्वर धाम के साथ ही अब धीरेंद्र शास्त्री के घर पर भी माथा टेकने पहुंच रहे श्रद्धालु, खिंचवा रहे फोटो

मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित बागेश्वर धाम पर इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. इनमें तमाम लोग ऐसे भी हैं, जो किसी गंभीर बीमारी के ठीक होने की आस में यहां आ रहे हैं. ये लोग इलाज करवाकर थक चुके हैं और किसी चमत्कार की उम्मीद में आ रहे हैं. लोगों का कहना है कि वे अपनी मन्नत लेकर भरोसे के साथ यहां आए हैं.

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धीरेंद्र शास्त्री के घर के सामने मत्था टेकने पहुंचे श्रद्धालु. (Photo: Aajtak)
धीरेंद्र शास्त्री के घर के सामने मत्था टेकने पहुंचे श्रद्धालु. (Photo: Aajtak)

बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को नागपुर पुलिस से अंधविश्वास फैलाने के आरोपों पर क्लीन चिट मिल गई है. नागपुर से शुरू हुए इस विवाद के बाद लोग बड़ी संख्या में बागेश्वर धाम पहुंच रहे हैं. मध्य प्रदेश के छतरपुर में गढ़ा गांव में पहुंचे लोग पंडित धीरेंद्र शास्त्री के घर के बाहर पहुंचकर माथा टेक रहे हैं और परिवार के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं.. 

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दरअसल, नागपुर में धीरेंद्र शास्त्री की कथा के दौरान अंधविश्वास उन्मूलन समिति के श्याम मानव ने अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था. इसके बाद यह मामला इतना तूल पकड़ गया कि तब से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सुर्खियों में हैं. छतरपुर के छोटे से गांव गढ़ा में देश के अलग-अलग राज्यों से लोग पहुंच रहे हैं. ये लोग धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद लेना चाहते हैं. यहां बड़ी संख्या में दुकानें सज चुकी हैं.

धीरेंद्र शास्त्री के घर के सामने मत्था टेकने पहुंचे श्रद्धालु. (Photo: Aajtak)

वहीं जिस घर में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पैदा हुए थे, वह भी अब श्रद्धा का केंद्र बन गया है. यहां धीरेंद्र शास्त्री की मां-पिता और भाई रहते हैं. हालांकि धीरेंद्र शास्त्री इस घर में नहीं रहते हैं. बागेश्वर धाम आने वाले शख्स अब उनके घर के सामने खड़े होकर फोटो खिंचवाना और घर की दहलीज पर जाकर माथा टेकना नहीं भूलते हैं.

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धीरेंद्र शास्त्री के घर के सामने माथा टेका और फोटो खिंचवाई

सिवनी के रहने वाले वीरेंद्र कुमार सिंह परिवार के 8 लोगों के साथ बागेश्वर धाम पहुंचे थे. हालांकि धीरेंद्र शास्त्री से वह नहीं मिल सके. वीरेंद्र धीरेंद्र शास्त्री के घर पहुंचे और दरवाजे पर जाकर पहले सबने माथा टेका और उसके बाद घर के सामने खड़े होकर फैमिली फोटो खिंचवाई. वीरेंद्र ने आजतक से बात करते हुए कहा कि वह 8 महीने से बागेश्वर धाम आ रहे हैं, लेकिन जब हालिया विवाद शुरू हुआ तो उन्होंने पूरे परिवार के साथ बागेश्वर धाम आने का मन बनाया और सभी 8 लोग बागेश्वर धाम पहुंच गए.

उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम आकर महाराज जी के घर के सामने पहुंचे और उनके घर की दहलीज को प्रणाम किया. दिल्ली से आए पवन और उनकी पत्नी भी उन सैकड़ों लोगों में से एक हैं, जो धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के घर के सामने फोटो खिंचवा रहे हैं और सिर झुका रहे हैं. हालांकि पुलिसिया पहरे के चलते ज्यादा देर तक घर के सामने लोगों को रुकने नहीं दिया जा रहा है.

चमत्कार की उम्मीद में दूर-दूर से आ रहे लोग

धीरेंद्र शास्त्री के घर के सामने मत्था टेकने पहुंचे श्रद्धालु. (Photo: Aajtak)

बागेश्वर धाम में अभी भी लोग दूर-दूर से किसी चमत्कार की उम्मीद में आ रहे हैं. उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात एक शख्स अपने बेटे की बीमारी ठीक होने की उम्मीद में डॉक्टरों के चक्कर लगाने के बाद बागेश्वर धाम पहुंचे. इनका बेटा 30 साल का है. छत से गिर गया था, जिससे शरीर के एक हिस्से ने काम करना बंद कर दिया.

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उनका कहना है कि घटना के बाद बेटा दोबारा कभी उठ नहीं पाया. प्राइवेट अस्पताल में कई महीने तक इलाज से जब असर नहीं पड़ा तो परिवार उनके बेटे को लेकर बागेश्वर धाम पहुंचा. इस उम्मीद में कि शायद यहां कोई चमत्कार उनके बेटे को दोबारा उसके पैरों पर खड़ा कर सके.

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