साइबर ठगों का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि अब वो पुलिस के आला अधिकारियों तक का नाम लेकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला भोपाल में सामने आया है, जहां पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा के नाम से जालसाजों ने फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर ठगने की कोशिश की है.
दरअसल, जालसाजों ने भोपाल पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी मिश्रा का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर उनका फोटो लगाया और कई लोगों को फेसबुक रिक्वेस्ट भेजी गई. जिसने भी रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट किया उनसे मोबाइल नंबर मांगा गया. ठग ने फेसबुक पर ही मैसेज करके बताया कि 'मैने आपका नंबर अपने दोस्त को दिया है जो सीआरपीएफ में अफसर है और ट्रांसफर होने की वजह से अपना कीमती फर्नीचर सस्ते में बेचना चाहता है. वो आपको कॉल करेगा.' हालांकि जिस शख्स को यह मैसेज गया था उसकी किस्मत अच्छी थी कि उसने किसी भी तरह के ट्रांजैक्शन से पहले खुद इसे एक बार कमिश्नर से क्रॉस चेक कर लिया और ठगी का शिकार होने से बच गया.
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मेवाती गैंग चला रहा कमिश्नर के नाम से फेसबुक अकाउंट
आजतक से बात करते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि उन्हें जैसे ही इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत इस फेसबुक अकाउंट की जानकारी निकलवाई. मालूम हुआ कि यह अकाउंट राजस्थान में बैठकर मेवाती गैंग के लोग चला रहे हैं जो जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे.
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ऐसे मामलों में सतर्कता बरतें लोग: कमिश्नर
कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने लोगों को जागरूक करते हुए इस तरह के मामलों में बेहद सतर्कता करतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई भी मैसेज सोशल मीडिया या मोबाइल पर आए जिसमें जवान या अफसर के ट्रांसफर होने और फर्नीचर सस्ते में बेचने की बात लिखी हो तो झांसे में ना आएं और बिना क्रॉस चेक किए किसी भी अनजान शख्स से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ना करें.