मध्य प्रदेश के खंडवा में एक निजी अस्पताल में अनोखी शादी हुई. पांच दिन पहले दुर्घटना में दुल्हन घायल हो गई थी. उसके हाथ-पैर फ्रैक्चर होने की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. फिर दोनों पक्षों ने अस्पताल में ही शादी की रस्मों को पूरा करने का फैसला लिया. इसके बाद अस्पताल प्रबंधन से शादी करने की अनुमति मांगी गई.
मामला माता चौक के एक निजी अस्पताल का है. इसमें अस्पताल का मेडिकल स्टाफ घराती और बाराती बनकर शामिल हुआ. जानकारी के मुताबिक, 13 फरवरी को शिवानी सोलंकी का एक्सीडेंट हो गया. उसके हाथ और पैर में गंभीर चोट आने की वजह से हड्डी टूट गई थी.
शादी के दिन ऑपरेशन थिएटर में दुल्हन
इसके चलते 16 फरवरी को उसका ऑपरेशन किया गया. संयोग यह था कि उसी दिन शिवानी की शादी थी और उज्जैन से बारात आने वाली थी. मगर, उसे ऑपरेशन थिएटर में जाना पड़ा. इस वजह से उस दिन तो शादी नहीं हो पाई. मगर, आने वाली बारात रुक गई. ऑपरेशन होने के बाद शिवानी को बेड पर शिफ्ट किया गया.
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बेड के पास ही सजाया गया मंडप
दरअसल, शादी की हल्दी दूल्हा-दुल्हन दोनों को लग गई थी. शादी को टाला नहीं जा सकता था, इसलिए दोनों पक्षों ने 18 फरवरी को अस्पताल में ही सादगी से शादी की रस्म पूरी की. इस दौरान अस्पताल में दुल्हन के बेड के पास ही शादी का मंडप सजाया गया. शिवानी ने शादी का जोड़ा भी पहना और श्रृंगार भी किया.
दुल्हन को गोद में उठाकर लिए सात फेरे
उसके बेड को भी सजाया गया. हाथ-पैर में प्लास्टर बंधा होने से वह बेड पर ही लेटी रही और शादी की सारी रस्में पूरी कीं. फेरे के समय दूल्हे राजेंद्र चौधरी ने दुल्हन को गोद में उठाकर सात फेरों की रस्म पूरी की. इस दौरान अस्पताल का पूरा स्टाफ दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देने के लिए मौजूद रहा. अस्पताल प्रबंधन ने अनूठी शादी के बाद सभी मरीजों और उनके परिजनों को मिठाई भी बांटी.
लड़के वालों को ऐसा ही व्यवहार करना चाहिए- दुल्हन के परिजन
दुल्हन के परिजनों का कहना है कि 13 फरवरी को उनके लड़की का दुर्घटना हुई थी. 18 फरवरी को उसकी शादी की रस्म पूरी कर रहे हैं. हर लड़की वालों और लड़के वालों को ऐसा ही व्यवहार करना चाहिए. इससे कोई भी लड़की देने में जरा भी नहीं डरेगें. वहीं, दूल्हे की मौसी का कहना है कि ऐसा व्यवहार सभी लोग करें. इससे लड़कियों का जीवन सुधर जायेगा.