मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पिपलोद थाना क्षेत्र के बामंदा गांव में 21 साल का बिहारीलाल अपनी बहन कलावती से मिलने आया था. उस वक्त कलावती का पति रमेश गांव से बाहर गया हुआ था. इसी दौरान लोगों ने देखा कि उसके घर में एक लड़का गया है. बगैर सच जाने और अवैध संबंध के शक में ग्रामीणों ने दोनों को घर से बाहर निकाला और बंधक बना लिया.
रिश्ते की दुहाई देकर रहम की भीख मांगते रहे भाई-बहन
इसके बाद दोनों को एक पेड़ से बांधकर कोड़े और लाठियों से पीटना शुरू कर दिया. भाई-बहन अपने रिश्ते की दुहाई देकर रहम की भीख मांगते रहे लेकिन कोई कुछ सुनने को ही तैयार नहीं था. इसी बीच किसी ने महिला के पति रमेश को कॉल करके सारा माजरा बताया. इस पर उसने कहा कि लड़का रिश्ते में उसका साला व पत्नी का भाई है.
लड़के के जीजा की की गुजारिश पर भी नहीं माने लोग
इतना ही नहीं उसने मारपीट न करने की गुजारिश भी की. बावजूद इसके ग्रामीणों पर उसका असर नहीं हुआ. लोगों ने दोनों को करीब एक घंटे तक पीटा. इस बीच एक शख्स भाई-बहन के लिए फरिश्ता बनकर आया और पुलिस को फोन कर दिया.
मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की
पुलिस ने दोनों को मुक्त कराया और थाने लेकर चली गई. यहां बिहारीलाल की शिकायत पर पुलिस ने रामदास पिता मंगल (55 साल), ईश्वर उर्फ हनू (36 साल) और दयाराम पिता टीकाराम कोरकू (50 साल) के खिलाफ केस दर्ज किया और गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया.