scorecardresearch
 

'बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत कोई दुर्घटना नहीं, उन्हें जहर दिया गया था', MP कांग्रेस का बड़ा दावा; वन मंत्री को हटाने की मांग

MP कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया, "दस हाथियों की मौत कोई दुर्घटना नहीं थी. उन्हें जहर दिया गया था. उन्हें किसने जहर दिया, यह जांच का विषय है, लेकिन सरकार और वन विभाग दोषी हैं. ये सरकारी हत्याएं हैं.

Advertisement
X
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत. (फाइल फोटो)
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत को 'सरकार द्वारा की गई हत्या' करार दिया है और राज्य के वन मंत्री रामनिवास रावत के इस्तीफे की मांग की है. पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए मांग की कि वह मौतों की सीबीआई या न्यायिक जांच की सिफारिश करे. 

Advertisement

बता दें कि 29 अक्टूबर को उमरिया जिले में बीटीआर के खलील रेंज के अंतर्गत सांखनी और बकेली में चार जंगली हाथी मृत पाए गए, जबकि 30 अक्टूबर को चार और 31 अक्टूबर को दो की मौत हो गई थी. इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक उच्च स्तरीय जांच दल द्वारा अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद टाइगर रिजर्व  के दो वरिष्ठ अधिकारियों को लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया. 

हाथियों को जहर दिया गया था: जीतू पटवारी 

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया, "दस हाथियों की मौत कोई दुर्घटना नहीं थी. उन्हें जहर दिया गया था. उन्हें किसने जहर दिया, यह जांच का विषय है, लेकिन सरकार और वन विभाग दोषी हैं. ये सरकारी हत्याएं हैं." प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे दावा किया कि कई हाथियों की मौत को सार्वजनिक नहीं किया गया. 

Advertisement

'140 बाघों की मौत हो चुकी' 

पटवारी ने कहा, "यह सरकार जंगली जानवरों के लिए बजट पास करती है, लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त है. पिछले तीन सालों में मध्य प्रदेश में करीब 140 बाघों की मौत हो चुकी है. यह एक बड़ी संख्या है." 

'राज्य के गौरव बाघ मर रहे'

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने चीतों को लाने के लिए 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन बाघ, जो राज्य का गौरव हैं, मर रहे हैं. सरकार केवल कर्मचारियों को दंडित करती है, जो अन्याय है. उसे राज्य के वन मंत्री रामनिवास रावत को जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफा ले लेना चाहिए. वे (रावत) उप चुनाव में व्यस्त हैं, जबकि हाथी मारे जा रहे हैं. यह भाजपा का पाखंड है."  

वन मंत्री रावत का मांगा इस्तीफा 

पटवारी ने कहा कि या तो मुख्यमंत्री रावत का इस्तीफा लें या फिर विजयपुर के मतदाता 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में उन्हें हटा देंगे. 

पतो हो कि रामनिवास रावत इस महीने के अंत में होने वाले विजयपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा के उम्मीदवार हैं. पूर्व कांग्रेस विधायक रावत इस साल की शुरुआत में BJP में शामिल हुए थे और उन्हें वन मंत्री नियुक्त किया गया था. 

कमलनाथ ने की CBI जांच की मांग 

Advertisement

उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाथ ने कहा, "बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में दस हाथियों की मौत को लगभग एक सप्ताह हो गया है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार मौत का कारण स्पष्ट नहीं कर पाई है, दोषियों को पकड़ना तो दूर की बात है." 

कमलनाथ ने कहा कि जंगली जानवर खतरे में हैं और राज्य का वन विभाग उनकी सुरक्षा करने में असमर्थ है. पूर्व सीएम ने दावा किया,  ''राज्य की जांच एजेंसियां ​​या तो अक्षम हैं या उनके पास मौतों की ठीक से जांच करने की सुविधाएं नहीं हैं. ऐसे में मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपील करता हूं कि वे दस हाथियों की मौत की या तो सीबीआई जांच या न्यायिक जांच का आदेश दें. निष्पक्ष जांच न होने से जंगली जानवर खतरे में रहेंगे और जो लोग इसके पीछे हैं, वे सुरक्षित महसूस करेंगे. वे इस तरह के अपराध दोहराने की हिम्मत करेंगे."

Live TV

Advertisement
Advertisement