देश में इकलौते चीतों के घर यानी मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक और बुरी खबर आई है. श्योपुर स्थित इस पार्क में मंगलवार को चीते पवन (पहले ओबान) की मौत हो गई. पवन का शव एक नाले में पड़ा हुआ मिला. कूनो के डॉक्टरों ने नाले में डूबने से चीते की मौत होने की संभावना जताई है.
कूनो प्रबंधन ने प्रेस नोट जारी करके जानकारी दी, ''मंगलवार को सुबह करीब 10.30 बजे नामीबियाई नर चीता पवन झाड़ियों के बीच नाले के किनारे बिना किसी हलचल के पड़ा हुआ पाया गया. बारिश के कारण नाला पानी से भरा हुआ था.
इसके बाद कूनो के वेटनरी डॉक्टर्स को सूचित किया गया और बारीकी से जांच करने पर पाया गया कि चीते के सिर सहित शरीर का अगला आधा भाग पानी के अंदर था और शरीर पर कहीं भी कोई बाहरी चोट नहीं दिखी. शुरुआती तौर पर मौत पानी में डूबने से हुई लगती है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विस्तृत जानकारी मिलेगी.''
फिलहाल खुले जंगल में छोड़े गए इकलौते चीते पवन की मौत से वन विभाग में हड़कंप मच गया है. कूनो नेशनल पार्क में अब 12 वयस्क और 12 शावक चीते शेष हैं.
इस नेशनल पार्क में बीते 5 अगस्त को ही मादा चीता गामिनी के गर्भ से जन्मे एक शावक की मौत हो गई थी. रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के बाद चल रहे इलाज के बाद शावक ने दम तोड़ा था. बता दें कि पिछले साल से लेकर अब तक 5 शावकों सहित कुल 12 चीतों की मौत हो चुकी है.
इनका कहना
प्रोजेक्ट चीता के डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने aajtak को फोन कॉल पर बताया, ''आज सुबह 10:30 बजे चीता पवन खुले जंगल में झाड़ियों के पास नाले में पड़ा हुआ मिला. डॉक्टरों ने जब जांच की तो वह मृत पाया गया. चीता पवन के शव का पीएम करवाया जा रहा है. पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह के बारे में कुछ कहा जा सकता है.''