मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी सैयद जफर बीजेपी में शामिल हो गए हैं. कांग्रेस प्रदेश महामंत्री, मीडिया उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रवक्ता रह चुके सैयद जफर को भोपाल के बीजेपी कार्यालय में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा, सीएम मोहन यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलाई.
सैयद जफर ने कांग्रेस छोड़ने के संकेत सैयद कुछ दिनों पहले CAA के पक्ष में सोशल मीडिया पोस्ट कर दे दिए थे. एमपी कांग्रेस के पूर्व मीडिया पैनलिस्ट सैयद जफर छिंदवाड़ा जिले में मुस्लिम समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं.
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया पैनलिस्ट सैयद जफर ने पिछले दिनों 'X' पर लिखा था, ''CAA को लेकर भारत की मुस्लिम लीग सुप्रीम कोर्ट क्यों गई है? क्या मुस्लिम लीग यह चाहती है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान के मुस्लिम को हिन्दुस्तान की नागरिकता दे दी जाए? CAA के मामले में मुस्लिम लीग और केजरीवाल जैसे नेता फैला रहे हैं भ्रम.
हकीकत तो यह है कि इस कानून से भारतीय मुस्लिम का कोई नुकसान नहीं होने वाला है. भारत के मुस्लिम लीग के हिसाब से क्या पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में मुसलमान प्रताड़ित हैं? और अगर प्रताड़ित हैं, तो भारत के मुस्लिम लीग को इस पर यह विचार करना चाहिए कि क्यों मुस्लिम मुल्क के नाम पर बने देशों में ही मुस्लिम प्रताड़ित हैं
अगर मुसलमान मुस्लिम देशों में प्रताड़ित है तो फिर सवाल वहां की मुस्लिम सरकारों पर उठाना चाहिए ना कि हिंदुस्तान की सरकार से? मुस्लिम मुल्कों में प्रताड़ित मुस्लिमोंं के मामले में मुस्लिम लीग को 57 देशों वाले इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) से मुसलमानों के हित में न्याय की मांग करना चाहिए. भारत का मुस्लिम तो आज़ादी के बाद से आज तक भारत में सुरक्षित है. हिन्दुस्तानी मुसलमान पूरे ईमान के साथ अपने वतन की मिट्टी के साथ है और पूरे भरोसे के साथ इस मुल्क के साथ खड़ा है. मुस्लिम लीग सुप्रीम कोर्ट में CAA पर सवाल खड़ा करके हिन्दुस्तानी मुस्लिमों में भ्रम फैलाने की कोशिश बंद करे.''
बता दें कि पिछले दिनों कांग्रेस नेता कमलनाथ के भविष्य के कदम को लेकर भी काफी अटकलें थीं. हालांकि, उनके सहयोगियों और दिग्विजय सिंह जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कई बार आश्वासन दिया कि कमलनाथ की BJP में शामिल होने की कोई योजना नहीं है. कमलनाथ ने भी कहा कि उनके BJP में जाने की अटकलें मीडिया की उपज थी, क्योंकि उन्होंने कभी ऐसा बयान नहीं दिया.
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भले ही कमलनाथ और नकुलनाथ के बीजेपी में जाने की अटकलों पर भी विराम लग चुका हो लेकिन कार्यकर्ता हताश हैं. एक के बाद एक नेता बीजेपी में शामिल होते जा रहे हैं.
उधर, बीजेपी मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट को जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है. सूबे की 29 लोकसभा सीटों में से बीजेपी के पास 28 सीटें हैं जबकि इकलौती छिंदवाड़ा सीट पर कमलनाथ का कब्जा बरकरार है. अब पार्टी का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व हर हाल में सीट जीतना चाहता है. प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान छिंदवाड़ा के लगातार दौरे कर अपना लक्ष्य बता चुके हैं.
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कांग्रेस नेता कमलनाथ छिंदवाड़ा से 9 बार के सांसद रह चुके हैं और अब विधायक हैं. उनके बेटे नकुलनाथ अब इस सीट से कांग्रेस सांसद हैं. इस बार भी छिंदवाड़ा से नकुलनाथ को ही टिकट मिला है. इसी वजह से कमलनाथ ने छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में अपने दौरे तेज कर दिए हैं.