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पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपने गृहनगर राघोगढ़ पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ राजनीतिक समीक्षा की. कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने मंच से बयान देते हुए कहा कि जिस तरह के नतीजे विधानसभा चुनाव में देखने को मिले हैं, वो उन्हें स्वीकार नहीं हैं. कहा कि नतीजों को लेकर मंथन हो रहा है। लेकिन इस प्रकार के नतीजे सभी के लिए चिंता का विषय जरूर हैं.
दिग्विजय सिंह ने राघोगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सिमटते हुए वोटबैंक पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, पिछले साल 2018 के विधानसभा चुनाव में राघोगढ़ की सीट हम 46 हजार वोटों से जीते थे. लेकिन पांच महीने बाद ही लोकसभा चुनाव में लगभग 42 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा. आंकड़ों के हिसाब से 90 हजार वोटों का अंतर आ गया.
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा, सन 1977 में जब जनता पार्टी की लहर थी तो उस वक्त मैंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. गांव-गांव में लोग कहते थे कि कांग्रेस से चुनाव लड़ोगे तो हार जाओगे. लेकिन मैंने चुनाव लड़ा और जीता भी.
दरअसल, साल 2023 के विधानसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्द्धन सिंह महज 4505 वोटों से चुनाव जीत पाए थे. बीजेपी के हीरेन्द्र सिंह ने उन्हें कड़ी टक्कर देते हुए बेहद कम मार्जिन पर लाकर खड़ा कर दिया.
दिग्विजय सिंह ने एक बार दोबारा ईवीएम मशीन पर ठीकरा फोड़ते हुए बयान दिया कि उन्हें ईवीएम पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. पूरे देश में ईवीएम के खिलाफ माहौल बन रहा है. कई विकसित देशों में मतपत्र से चुनाव होते हैं. भारत समेत केवल पांच देश हैं जहां ईवीएम का इस्तेमाल किया जाता है.
'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के लिए ग्वालियर चंबल संभाग के दौरे पर पहुंचे दिग्विजय सिंह बोले कि गुना में आगामी 5 मार्च को राहुल गांधी का दौरा है. भारत जोड़ो न्याय यात्रा लेकर राहुल गांधी गुना पहुंचेंगे और रोड शो भी करेंगे. दिग्विजय सिंह भारत जोड़ो न्याय यात्रा को सफल बनाने के लिए कांग्रेसियों को एकजुट करने में लगे हुए हैं.