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MP: कार सहित पुल से नदी में गिरे तहसीलदार का शव 10 दिन बाद 400 KM दूर मिला

तहसीलदार नरेंद्र सिंह ठाकुर 15 अगस्त की रात फॉर्म हाउस से लौट रहे थे. तभी कार सहित पुल से नदी में गिर गए थे. शव घटना स्थल  से 418 किलोमीटर दूर श्योपुर जिले की पार्वती नदी में मिला. परिजनों ने शव की शिनाख्त कर ली है. गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. 

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तहसीलदार नरेंद्र ठाकुर (फाइल- फोटो)
तहसीलदार नरेंद्र ठाकुर (फाइल- फोटो)

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की सीवन नदी में 15 अगस्त को डूबे तहसीलदार नरेंद्र ठाकुर का शव घटना स्थल  से 418 किलोमीटर दूर श्योपुर जिले की पार्वती नदी में मिला. शव काफी क्षत-विक्षत हो चुका था, परिजनों की शिनाख्त के बाद शव को उन्हें सौंप दिया गया. गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. 

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बता दें, तहसीलदार नरेंद्र सिंह ठाकुर 15 अगस्त की रात फॉर्म हाउस से लौट रहे थे. तभी कार सहित पुल से नदी में गिर गए थे. उनके साथ पटवारी महेंद्र रजक भी थे. 48 घंटों बाद पटवारी का शव तो मिल गया था, पर नरेंद्र ठाकुर का पता नहीं चला. तभी से सीहोर के गोताखोर, एसडीआरएफ की टीम लगातार तहसीलदार नरेंद्र ठाकुर की तलाश कर रहे थे.  

बीती 20 अगस्त को बडौदा तहसील के कुहांजापुर पुलिया के पास अज्ञात शव मिला था. जिसकी शिनाख्त  नरेन्द्र सिंह के पुत्र ने की. मृतक नरेंद्र सिंह ठाकुर मध्य प्रदेश तहसीलदार संघ के अध्यक्ष भी थे, जिनकी मौत से प्रदेशभर के तहसीलदारों में शोक व्याप्त है.

20 अगस्त को जब शिवपुर जिले की पार्वती नदी में अज्ञात शव मिला तो पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और शव की शिनाख्त शुरू की. इसके बाद तहसीलदार नरेंद्र सिंह ठाकुर के परिजनों ने श्योपुर पहुंचकर अज्ञात शव की शिनाख्त तहसीलदार नरेंद्र सिंह ठाकुर के रूप में की. हैरानी की बात यह है कि शव  400 किलोमीटर तक नदी के बहाव मे बहता रहा. पार्वती नदी में इस दौरान शव सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, गुना, राजस्थान के बाद श्योपुर तक शव करीब 418 किलोमीटर तक बहा. 

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