scorecardresearch
 

MP: वकील को 7 घंटे के लिए किया 'डिजिटल अरेस्ट' और 16 लाख रुपये की वसूली

ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने वकील जगमोहन श्रीवास्तव को चकमा देकर 16 लाख रुपये की ठगी कर ली. ठगों ने पहले उन्हें कूरियर कंपनी का कर्मचारी बनकर फोन किया और बताया कि उनके नाम पर चीन के बीजिंग के लिए एक संदिग्ध पार्सल बुक हुआ है, जिसे कस्टम विभाग ने पकड़ा है.

Advertisement
X
(AI-जनरेटेड इमेज).
(AI-जनरेटेड इमेज).

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक वकील को साइबर अपराधियों ने 7 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा और 16 लाख रुपये की ठगी कर ली. ठगी की गई रकम ओडिशा और राजस्थान के कुछ खातों में पहुंची है. पुलिस अब इसी आधार पर और वकील के शिकायत पर बदमाशों की तलाश में जुट गई है. पुलिस का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है.

Advertisement

दरअसल, पेशे से वकील जगमोहन श्रीवास्तव को पिछले महीने अक्टूबर में साइबर ठगों ने फोन करके खुद को एक कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड के जरिए चीन के बीजिंग के लिए एक संदिग्ध पार्सल बुक हुआ है, जिसे कस्टम विभाग ने पकड़ा है. पार्सल में 400 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स और एक दर्जन से ज्यादा क्रेडिट डेबिट कार्ड भी जब्त किए गए हैं.

ये भी पढ़ें- डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड पर MHA का बड़ा एक्शन, 17000 व्हाट्सएप अकाउंट किए गए ब्लॉक

CBI अधिकारी बनकर किया फोन

वकील जगमोहन ने कथित कूरियर कर्मचारी राहुल शर्मा से कहा कि उसने कोई पार्सल बुक नहीं किया है. तब कथित राहुल शर्मा ने कहा कि वह इसकी तुरंत शिकायत करें. इसके बाद साइबर ठगों ने पहले क्राइम ब्रांच और फिर सीबीआई अधिकारी बनकर उन्हें फोन किया और बताया कि इस मामले में अब तक करीब 50 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. 

Advertisement

बरामद क्रेडिट कार्ड भी वकील के नाम बताया. इसके बाद साइबर ठगों ने वकील जगमोहन श्रीवास्तव को दोपहर से रात तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और उनसे नया खाता खुलवाकर उड़ीसा और राजस्थान के विभिन्न खातों में 16 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए. इसके बाद वकील ने अपने दोस्त को फोन किया. तब दोस्त ने बताया कि इस तरह के फोन अक्सर लोगों के पास आते रहते हैं. 

मामले में पुलिस ने कही ये बात 

मामले की जानकारी ली गई तो पता चला कि वकील के साथ ठगी हुई है. वकील ठगों से इतना घबरा गया कि वह अपनी डिजिटल अरेस्ट के बारे में किसी को नहीं बता सका. पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह का कहना है कि इस मामले में ट्रांसफर की गई रकम के आधार पर अपराधियों की तलाश की जा रही है. जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर रकम बरामद कर ली जाएगी.

Live TV

Advertisement
Advertisement