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वन विभाग गिद्धों की गिनती कर रहा है. गणना के दौरान रेंजर माधव सिंह सिकरवार को विलुप्त प्रजाति के सफेद गिद्ध और उल्लू देखने को मिले. तस्वीरों को रेंजर ने अपने कैमरे में कैद कर लिया. केदारनाथ के जंगल में सफेद गिद्धों का जोड़ा देखा गया.
रेंजर माधव सिंह सिकरवार ने बताया, सफेद गिद्ध Egypt में पाए जाते हैं. इन्हें Egyptian Vulture कहा जाता है. सफेद गिद्ध अपनी प्रजाति के सबसे प्राचीन पक्षी हैं. इजिप्ट के अलावा सफेद गिद्ध उत्तर भारत, पाकिस्तान, नेपाल व पश्चिमी अफ्रीका में पाए जाते थे.
मिस्री गिद्ध लंबी दूरी तय करते हुए लगातार उड़ सकते हैं. लेकिन अब सफेद गिद्धों की आबादी में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है जिसके चलते सफेद गिद्धों को अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने संकटग्रस्त घोषित कर दिया है.
वन विभाग को टॉनी उल्लू भी मिला है. गणना के दौरान गुना के पहाड़ी इलाके में उल्लू पाया गया जिसे टॉनी या टैनी उल्लू कहा जाता है. टैनी उल्लू आमतौर पर पश्चिमी साइबेरिया और यूरोप में पाया जाता है. टैनी उल्लू शारीरिक तौर पर गठीला और भूरे रंग का होता है जिसके निचले हिस्से में पीली धारियां होती हैं. शारीरिक आकार मध्यम होता है.
टैनी उल्लू अपना घोंसला पेड़ की दरख्तों में या पहाड़ी इलाकों में बनाते हैं, जहां उनके अंडों और बच्चों की शिकारियों से रक्षा हो पाती है. टैनी उल्लू का नाइट वीज़न काफी आधुनिक होता है जो उन्हें शिकार करने में मदद करता है.
फॉरेस्ट रेंजर माधव सिंह सिकरवार ने बताया कि वन्य प्राणियों का गणना का काम चल रहा है. इस दौरान कई वन्य प्राणी जैसे लकड़बग्घा, लोमड़ी, सियार, हिरण, नीलगाय, पक्षी देखने को मिल रहे हैं. गुना में कुछ ऐसे इलाके हैं जहां जंगल काफी घने हैं. ऐसे शांत इलाकों में विलुप्त हो चुके पक्षी भी देखने को मिल रहे हैं.