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लड़कियों को चैट पर भेजे सवाल, फिर फर्जी IPS बोला- तुम्हारा पुलिस में सिलेक्शन हो गया, दिल्ली आ जाओ

खुद को IPS अफसर बताने वाले ने वॉट्सएप से 2 लड़कियों के आधार कार्ड, फोटो और 12वीं क्लास की मार्कशीट मांग ली. फिर कुछ प्रश्न वॉट्सएप पर भेजकर परीक्षा ली और मैसेज कर बता दिया कि तुम्हारा सिलेक्शन रेलवे में हो गया है. उसके बाद कहा कि तुम्हारी एक माह की ट्रेनिंग दिल्ली में होगी. आप लोग 15 मार्च को तैयारी के साथ नागपुर बस स्टैंड पर मिलिए

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.

मध्य प्रदेश की मंडला जिला पुलिस ने फर्जी आईपीएस ऑफिसर को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने खुद को भारतीय पुलिस सेवा का अफसर बताकर 2 लड़कियों को नौकरी का झांसा दिया. वॉट्सएप पर उनका फर्जी तरीके से पेपर कराया और सिलेक्शन भी करवा दिया. फिर दोनों को ट्रेनिंग के बहाने दिल्ली बुलाने की तैयारी में था. हालांकि, इससे पहले ही आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया. 

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दरअसल, मंडला के शासकीय जगन्नाथ मुन्ना लाल चौधरी महिला कॉलेज के फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाली दो युवतियां लाल बहादुर शास्त्री वार्ड मंडला में किराये से रहती हैं. 9 जनवरी 2023 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आता है. कॉल करने वाला खुद को आईपीएस मनीष परते बताता है और पूछता है- ''तुम्हें पुलिस में नौकरी करनी है?'' इस पर दोनों सहेलियों ने हां में जवाब दिया. 

इसके बाद खुद को IPS अफसर मनीष परते बताने वाले शख्स ने वॉट्सएप नंबर से उनके आधार कार्ड, फोटो और 12वीं क्लास की मार्कशीट मांग ली. फिर उसने कुछ प्रश्न वॉट्सएप पर भेजकर परीक्षा ली और मैसेज कर बता दिया कि तुम्हारा सिलेक्शन रेलवे में हो गया है. फिर उसने कहा कि तुम्हारी एक माह की ट्रेनिंग दिल्ली में होगी. आप लोग 15 मार्च को तैयारी के साथ नागपुर बस स्टैंड पर मिलिए और भी 20-25 लड़कियों का सिलेक्शन हुआ है, वो लड़कियां भी 15 मार्च 2023 को नागपुर बस स्टैंड पर मिलेंगी. 

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इसके बाद दोनों सहेलियों ने नागपुर जाने के इरादे से मकान खली करने की सूचना मकान मालिक को दी. मालकिन ने जब पूरी कहानी सुनी तो उसे शक हुआ. उसने तत्काल पूरे घटनाक्रम से पुलिस को अवगत कराया तो पूरा मामला साफ हो गया. खुद को आईपीएस ऑफिसर मनीष परते बताने वाला आरोपी आनंद धुर्वे निकला. 

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया. पुलिस इस पूरे मामले के तार भी जोड़ने में लगी हुई है. पुलिस ने उन दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मनीष परते को लड़कियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए थे.

एएसपी गजेंद्र सिंह कंवर ने बताया, घुघरी थाना इलाके के रहने वाले आनंद धुर्वे ने आईपीएस मनीष परते के नाम से खुद को इंट्रोड्यूस कराते हुए नौकरी लगाने के नाम पर लड़कियों से परीक्षा ली. झूठा सिलेक्शन किया और नागपुर के रास्ते दिल्ली ले जाने वाला था. पुलिस ने संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया. थाना कोतवाली के 420 के तहत मामला दर्ज किया है.  

मंडला एएसपी गजेंद्र सिंह कंवर ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की.

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, लड़कियों को बहला फुसलाकर नौकरी लगवाने के नाम पर ले जाकर दिल्ली और अन्य राज्यों में भेज दिए जाता है. फिर घरेलू काम से लेकर कई प्रकार के काम में लगाकर शोषण किया जाता है. इस एवज में आरोपियों को भारी भरकम रकम मिल जाती है. 

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आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले की पुलिस ने एक एडवायजरी जारी कर कहा है कि आमजन से निवेदन है कि नौकरी लगाने के नाम पर आने वाले सभी प्रकार के कॉल और ऐसे व्यक्तियों से सावधान रहें, जो आपको कहीं अन्य शहर में सरकारी नौकरी या अच्छा काम दिलाने का वादा करते हैं. आए दिन ऐसा मामला संज्ञान में आता है, जहां नौकरी या मजदूरी के लालच में लोग आ जाते हैं और उनकी बातों में आकर बाहर राज्य चले जाते हैं. फिर वहां बंधक बना लिए जाते हैं. 

 

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