
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच बीजेपी के 4 उम्मीदवार बीमार पड़ गए हैं. अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद बीमार नेताओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है. सोमवार को ही सीहोर जिले की इछावर सीट से बीजेपी प्रत्याशी करण सिंह वर्मा को बुखार और घबराहट के चलते जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती करवाया गया है. इससे पहले सिरोंज के प्रत्याशी उमाकांत शर्मा, अशोकनगर के प्रत्याशी जसपाल सिंह जज्जी और ग्वालियर से पार्टी उम्मीदवार प्रद्युम्न सिंह तोमर को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था.
दरअसल, दिवाली के दूसरे दिन अचानक तबीयत खराब होने पर इछावर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री करणसिंह वर्मा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बीती रात बुखार व घबराहट होने के कारण स्थानीय चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया था. सोमवार को फिर सीने में घबराहट होने की शिकायत के चलते जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका आईसीयू में उपचार चल रहा है.
मामले को लेकर जिला अस्पताल के सीएस डॉ. प्रवीर गुप्ता ने aajtak को फोन कॉल पर बताया कि करण सिंह वर्मा को बुखार और घबराहट होने की शिकायत थी. फिलहाल उनका उपचार किया जा रहा है.
प्रद्युम्न सिंह तोमर भी अस्पताल में भर्ती
भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान में शिवराज सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपने क्षेत्र में इतना जनसंपर्क कर लिया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. तोमर को ग्वालियर विधानसभा से प्रत्याशी बनाया गया है. प्रत्याशी घोषित होने के बाद से ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर लगातार अपने क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहे हैं. जनसंपर्क करते हुए तोमर को इतनी थकान हो गई कि उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. बीते शनिवार की सुबह ऊर्जा मंत्री हजीरा के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया.
बताया जा रहा है कि ऊर्जा मंत्री कमजोरी के साथ बुखार भी महसूस कर रहे थे. डॉक्टर ने उनका चेकअप किया है और उनके कुछ टेस्ट भी लगवाए गए हैं. मीडियाकर्मियों को उनसे दूर ही रखा गया है. हम आपको बता दें कि ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर साल 2018 में ग्वालियर विधानसभा से ही चुनाव जीतकर विधायक बने और वह कमलनाथ सरकार में मंत्री भी रहे थे. ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ वे बीजेपी में शामिल हो गए थे. इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने फिर से अपनी जीत दर्ज कराई थी और शिवराज सरकार में ऊर्जा मंत्री भी बन गए. अब बीजेपी ने एक बार फिर से ग्वालियर विधानसभा से उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है लेकिन चुनावी जनसंपर्क लगातार करने की वजह से ऊर्जा मंत्री की तबीयत बिगड़ गई.
बाइपास सर्जरी के लिए जज्जी दिल्ली शिफ्ट
अशोकनगर के विधायक और बीजेपी प्रत्याशी जसपाल सिंह जज्जी को अटैक आया है. उन्हें बाइपास सर्जरी के लिए दिल्ली शिफ्ट किया गया है. साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ कर जगपाल जज्जी विधायक बने थे. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के लड्डू राम कोरी को हराया था. साल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस पार्टी को छोड़कर कमलनाथ की सरकार को गिराकर जज्जी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए. 2020 में उपचुनाव के दौरान BJP के टिकट पर अशोकनगर से चुनाव जीतकर विधायक बने थे.
वहीं, सिरोंज लटेरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक और बीजेपी प्रत्याशी उमाकांत शर्मा ने एक अपील की है. BJP उम्मीदवार शर्मा ने कहा है कि अचार गंभीर रूप से अस्वस्थ होने की वजह से डॉक्टर ने दो दिन पूरी ररह बेड रेस्ट करने की सलाह दी है. इस असुविधा के लिए बीजेपी नेता ने दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगी है.