मध्य प्रदेश के खंडवा में चार वर्षीय एक मासूम से गैंगरेप किया गया और बाद में उसकी हत्या की कोशिश की गई. थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने तलाश की. बच्ची झाड़ियों में पड़ी मिली. उसकी सांसे चल रहीं थीं. तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया. अभी बच्ची की हालत स्थिर बनी हुई है.
मामला खंडवा के समीप ग्राम जसवाड़ी की है. यहां एक खेत में रखवाली करने वाले आदिवासी परिवार है. उनके रिश्तेदार की बच्ची अपनी बुआ के साथ दीवाली मनाने आई थी. सोमवार की सुबह जब परिजन सोकर उठे तो, खटिया पर बच्ची को नहीं देखा. पहले आस-पास में खोजबीन की, लेकिन नहीं मिलने पर थाने में शिकायत की.
ऐसे हुआ शक
पुलिस को परिजनों ने बताया, "राजकुमार नामक युवक रविवार की रात उनके घर पर खटिया मांगने आया था. वो पास के ही खेत में सोया गया था. सुबह से खेत में खटिया मिली, लेकिन राजकुमार गायब था. इस आधार राजकुमार पर शक हुआ. वह गांव के ही एक ढाबे में काम करता है. ढाबे के मालिक से पूछताछ के आधार पर राजुकमार का पता लगाया गया.
अपराधी ने स्वीकार किया गुनाह
पुलिस ने राजकुमार को गिरफ्तार करके सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया. उसने बताया, "उसने अपने एक रिश्तेदार के साथ उस रात शराब पी थी. इसके बाद बच्ची को उसके घर से उठा लाए. दोनों ने दुष्कर्म किया और अपराध छिपाने की नीयत से उसका गला दबा दिया."
उसने बताया, "बच्ची को मृत समझ कर उसे झाड़ियों में फेंक दिया. उसे शराब के नशे में पता नहीं चला कि बच्ची को किस तरफ फेंका है." फिलहाल बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया है.
मामले में खंडवा के एसपी विवेक सिंह ने बताया, "रामनगर क्षेत्र की पुलिस चौकी से एक बच्ची मिसिंग थी. पुलिस ने तत्काल सर्चिंग शुरू की. एक संदिग्ध का नाम आया था, जो उस क्षेत्र में देखा गया था. उसने बच्ची के परिवार से बात भी की थी. इसके आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो, उसने वारदात की बात स्वीकार कर ली."
उन्होंने बताया, "झाड़ियों में बच्ची जीवित मिली है. एक आरोपी हिरासत में है. दूसरे को भी जल्द गिरफ्तार कर लेंगे. पहली प्राथमिकता हमारी बच्ची का जीवन सुरक्षित करना है. आरोपी से पूछताछ करके आगे की कार्रवाई करेंगे. डॉक्टर की रिपोर्ट आने का इंतजार है."