मध्य प्रदेश के मंडला में ऑनलाइन ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई. शुरुआत में निवेशकों को 10-20 हजार रुपये के मुनाफे का लालच देकर ऐप से जोड़ा गया. बाद में बड़ी रकम निवेश करने पर उनके खातों में भारी नुकसान दिखाया गया और पैसे वापस पाने के लिए और रकम जमा करने को कहा गया.
दरअसल, ठग ने मंडला के एडवोकेट अंकुश झारिया को व्हाट्सएप पर जोड़ा. फिर ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप में जोड़ा. पहले उन्होंने इसमें 20 हजार रुपए की रकम डाली, जिसमें अच्छा रिटर्न दिखने लगा. इसके बाद उन्होंने फिर 15 हजार रुपए और निवेश किए. फिर उन्हें और मुनाफा कमाने के लिए और पैसे लगाने को कहा गया, ताकि वे स्थाई सदस्य बनकर ज्यादा फायदा उठा सकें.
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पहले 20 हजार रुपये किए निवेश, फिर...
इसके लिए उनसे मोबाइल पर बात भी की गई. उनके ही खाते से उनके खाते में आरटीजीएस कर दिया गया. जिसके बाद उनसे आईपीओ खरीदने को कहा गया. एडवोकेट अंकुश झारिया ने शिकायत में बताया कि उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से इस ऐप में जोड़ा गया. उन्होंने पहले 20 हजार रुपये निवेश किए और मुनाफा देखा. इसके बाद 17 लाख रुपये की रकम डाली, जो कुछ समय बाद माइनस में दिखने लगी. ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया.
साइबर सेल की जांच में पता चला कि यह गिरोह 16 राज्यों में 48 शिकायतों में करीब 7 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है. पुलिस ने अहमदाबाद, गांधीनगर, राजकोट और मेहसाणा में कार्रवाई कर तीन आरोपियों विशाल झाला (27), लक्ष्मण ठाकोर (47) और नीरव पोपट (43) को गिरफ्तार किया है. गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.
मामले में पुलिस अधीक्षक ने कही ये बात
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी ऐप का इस्तेमाल कर निवेशकों को भारी मुनाफा दिखाया और ठगी की. इस मामले में जांच जारी है और ठगी की रकम और बढ़ने की आशंका है. लोगों को सतर्क रहने और अज्ञात निवेश प्लेटफॉर्म से बचने की सलाह दी गई है.