सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बीते ढाई साल से लापता बाघिन टी-42 लौट आई है. बाघिन लौटने की खबर सुनते ही पार्क की पूरी टीम में खुशी की लहर दौड़ गई. एसटीआर प्रबंधन ने लापता बाघिन टी-42 का वीडियो अपने ऑफिसियल सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है.
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने वीडियो जारी करते हुए लिखा है, ढाई साल बाद लौटी लापता बाघिन. टी-42 नामक इस बाघिन को साल 2020 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सतपुड़ा में स्थानांतरित किया गया था. जहां उसने पर्यटन और गैर-पर्यटन दोनों क्षेत्रों को कवर करते हुए अपना क्षेत्र स्थापित किया था. वह पर्यटकों के साथ सहज थी और अक्सर उसे देखा जाता था. फिर 2021 की गर्मियों में वह अचानक बिना किसी सुराग के गायब हो गई. पूरे पार्क में गश्त के दौरान उसका कोई निशान नहीं मिला. ना ही वह पार्क में लगाए गए किसी कैमरा ट्रैप में दिखाई दी. देखें Video:-
4 दिसंबर 2023 को पैदल गश्त करने वाली टीम ने अपने दौरे के दौरान बाघिन के गुर्राने की आवाज सुनी और शिविर में वापस चली गई. उसी दिन वनवासियों ने दोपहर बाद शिविर के पास गुर्राने की आवाज फिर से सुनी और वाहन से जांच करने चले गए. जब वनवासियों ने इस बाघिन को जंगल से बाहर उनकी ओर आते हुए देखा तो उन्हें पूरा विश्वास ही नहीं हुआ.
खुशी की बात है कि वह निर्णायक रूप से सत्यापित करने के लिए अच्छी फोटो और वीडियो प्राप्त करने में सक्षम थे, कि यह वास्तव में लापाता बाघिन टी-42 थी जो अपने घर वापस आ गई थी, और अपने पुराने क्षेत्र से लगभग 30 किलोमीटर दूर थी. पास में एक पुरुष भी था, तो शायद इस समय कोई जोड़ा प्रेमालाप कर रहा था.
एसटीआर प्रबंधन ने यह भी लिखा कि यह वास्तव में सभी वन्य जीव प्रेमियों के लिए खुशी की खबर है. पर्यटकों के लिए यह जानना भी खुशी की बात है कि पर्यटन क्षेत्रों में बाघ दिखना बंद हो सकता है, लेकिन घर पर्यटन क्षेत्र में यह अभी भी पनप सकता है.