अच्छी शिक्षा इंसान को बेहतरीन जिंदगी देती है, लेकिन इसी शिक्षा से मिली नॉलेज का उपयोग अगर गलत काम के लिए किया जाए तो यह बहुत खतरनाक हो जाता है. ऐसे ही एक शिक्षित युवक को ग्वालियर पुलिस ने पकड़ा है.जिसने आईटी सेक्टर में कई डिग्रियां हासिल की. उस आईटी एक्सपर्ट ने इस शिक्षा का उपयोग लोगों को ठगने में किया. आरोपी ने ग्वालियर की एक रिटायर्ड शिक्षिका से 51 लाख रुपया ऐंठ लिया था.
गिरफ्तार युवक साइबर ठगी कर रातों रात करोड़पति बन गया था. दूसरों के पैसों से अमीर बने इस युवक को ग्वालियर पुलिस ने छत्तीसगढ़ के भिलाई से गिरफ्तार किया है. पकड़े गए युवक के पास से बड़ी संख्या में आधार कार्ड, चेक बुक, मोबाइल फोन और बैंक अकाउंट्स जब्त किए हैं. दरअसल, ठगी की यह घटना ग्वालियर की रहने वाली 72 साल की रिटायर्ड शिक्षिका आशा भटनागर के साथ हुई थी.
14 मार्च को शिक्षिका को आया था कॉल
एसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार 14 मार्च की सुबह आशा भटनागर के फोन पर एक व्यक्ति ने कॉल किया. आशा भटनागर ने जैसे ही फोन अटेंड किया, तो सामने वाले व्यक्ति ने कहा कि उनके डॉक्यूमेंट का उपयोग करके कई सिम जारी की गई है और इन सिम से बच्चियों को अश्लील मैसेज भेजे जा रहे हैं. सामने वाले शख्स ने कहा कि आपके नाम से जारी की गई सिम से अपराध किया जा रहा हैं. इसलिए आपके खिलाफ मुंबई में 24 एफआईआर दर्ज हो चुकी है.
शिक्षिका को वीडियो कॉल कर डराया
रिटायर्ड शिक्षिका इतनी बड़ी बात सुनकर घबरा गई और उन्होंने कहा कि उन्होंने तो ऐसी कोई गलती नहीं की है. इसके बाद फोन पर बात करने वाले शख्स ने कहा कि इसके लिए जांच करनी होगी. सामने वाले व्यक्ति ने आशा भटनागर को एक ऐप डाउनलोड कराया और फिर वीडियो कॉल के माध्यम से आशा भटनागर को भयभीत करने लगा.
गिरफ्तारी के डर से पैसे की जांच कराने को तैयार हो गई पीड़िता
फोन कॉल पर जुड़े व्यक्ति ने आशा भटनागर को डराते हुए कहा कि उनके खातों के पैसों की जांच की जाएगी. ईडी और सीबीआई इस पूरे मामले की जांच करेगी. मामला इतना गंभीर है कि उनके रिश्तेदारों की भी गिरफ्तारी हो सकती है. आशा भटनागर बहुत ज्यादा घबरा गई. उन्होंने इस पूरे झंझट से बचने के लिए जांच कराने के लिए तैयार हो गई.
फिक्स डिपोजिट तोड़कर साइबर ठग के खाते में ट्रांसफर किया पैसा
इसके बाद फोन करने वाले शख्स ने आशा भटनागर कोई इतना भयभीत कर दिया कि उन्होंने अपने खाते की फिक्स डिपाजिट तुड़वाकर फोन करने वाले शख्स के बताए गए अकाउंट में 51 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. फोन करने वाले ठग ने आशा भटनागर को यह हिदायत दी कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती. तब तक वह किसी से कोई संपर्क न करें और न किसी को फोन लगाकर इस बारे में कुछ भी बताएं. जांच के बाद अगर वे निर्दोष हुई तो उनके पूरे पैसे वापस मिल जाएंगे.
बेटे-बहू को बताई ठगी की कहानी
घबराई आशा भटनागर यह बात नहीं समझ पाई कि वे ठगी का शिकार हो गई हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बाद आशा भटनागर ने हिम्मत करके यह बात अपने बेटी-बेटों को बताई. तब उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो गई है. आशा भटनागर ने इसकी शिकायत ग्वालियर क्राइम ब्रांच में की. ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने उन खातों को ट्रेस करना शुरू कर दिया. जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे.
यूएई के खाते में भी जमा हुई थी राशि
क्राइम ब्रांच को जांच में वह खाता जम्मू कश्मीर का मिला. इसमें सबसे ज्यादा रकम ट्रांसफर की गई थी और जम्मू कश्मीर के इस खाते से अन्य कई खातों में यह ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी. यूएई के खाते में भी ठगी की रकम को ट्रांसफर किया गया था. पुलिस ने यहीं से आरोपी का सुराग तलाशना शुरू कर दिया. पुलिस को मालूम हुआ कि जिस यूएई के खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ है, वह कंपनी छत्तीसगढ़ के भिलाई में रहने वाले कुणाल जायसवाल की है.
भिलाई से आरोपी आईटी एक्सपर्ट गिरफ्तार
पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ भिलाई पहुंचकर कुणाल जायसवाल को हिरासत में ले लिया. कुणाल जायसवाल से पुलिस को कई आधार कार्ड, बैंक खाता, चेक बुक और मोबाइल फोन भी मिले हैं. कुणाल जायसवाल यूएई में बिटकॉइन ट्रेडिंग की कंपनी चलाता है, जो उसी के नाम से है. पुलिस पूछताछ में कुणाल ने बताया कि उसने आईटी में कई डिग्रियां कर रखी है. पुलिस ने कुणाल को गिरफ्तार कर लिया है.