छतरपुर कोतवाली पर पथराव के मास्टरमाइंड हाजी शहजाद अली को पुलिस ने मंगलवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया. हाजी गुपचुप तरीके से कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था, जिसकी सूचना पुलिस को मिली और घेराबंदी कर जिला अदालत के बाहर से उसे दबोच लिया. छतरपुर एसपी अगम जैन ने शहजाद को फरार घोषित कर 10 हजार रुपये का इनाम रखा था. साथ ही लुकआउट नोटिस भी जारी किया था.
पुलिस ने बताया कि आरोपी अपना चेहरा छिपाकर एक ई-रिक्शा में बैठ भाग रहा था. हालांकि, मुखबिर की सूचना पर कोतवाली टीआई अरविंद कूजुर ने आरोपी को अपनी टीम के साथ ट्रैफिक पुलिस थाने के पास से दबोच लिया.
छतरपुर कोतवाली हिंसा में शामिल मुख्य आरोपी हाजी शहजाद अली समेत 6 लोगों के खिलाफ 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. इसके साथ ही शहजाद के विदेश भागने की आशंका के चलते लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था.
एक पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि पुलिस अधीक्षक (SP) अगम जैन ने इस मामले में सभी वांछित आरोपियों के बारे में छतरपुर से सटे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के जिलों को सूचित कर दिया था.
छतरपुर पुलिस ने बताया, "अब तक 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पिछले आपराधिक रिकॉर्ड वाले 6 आरोपियों को जिले से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) विक्रम सिंह ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक नाजिम चौधरी के पास से दो तलवारें जब्त की गईं, जबकि आरोपी मोहम्मद इरफान चिश्त के पास से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं.
मुख्य आरोपी शहजाद अली की आलीशान हवेली को विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद 22 अगस्त को बुलडोजर से गिरा दिया गया था. प्रशासन के अधिकारियों ने दावा किया कि शहजाद ने यह हवेली बिना अपेक्षित अनुमति के बनाई थी.
बता दें कि महाराष्ट्र के नासिक स्थित आध्यात्मिक गुरु रामगिरी महाराज की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा करने के लिए 21 अगस्त को छतरपुर शहर में एक विरोध प्रदर्शन किया गया था. इस दौरान हिंसा भड़क उठी थी. भीड़ ने कोतवाली थाने पर पथराव कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था.