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एक ही बग्घी पर बैठकर दुल्हन लेने निकले हिंदू और मुस्लिम दूल्हे, दिलचस्प रही ये शादी

विदिशा में बाढ़ वाले गणेश मंदिर सेवा समिति ने 20 जोड़ों का धूमधाम से सामूहिक विवाह करवाया. इस सामूहिक विवाह में प्रत्येक नवविवाहित दंपति को एक-एक लाख रुपए से ज्यादा के तोहफे भी दिए. 19 जोड़े हिंदू और एक जोड़ा मुस्लिम था.

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एक ही बग्गी पर सवार थे हिंदू और मुस्लिम दूल्हा.
एक ही बग्गी पर सवार थे हिंदू और मुस्लिम दूल्हा.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 20 जोड़ों का धूमधाम से करवाया सामूहिक विवाह
  • प्रत्येक दंपति को दिए 1 लाख से ज्यादा के तोहफे

मध्य प्रदेश के विदिशा में बाढ़ वाले गणेश मंदिर सेवा समिति के सेवादारों और समाजसेवियों ने सामूहिक विवाह का आयोजन किया. 19 हिंदू जोड़े विवाह के बंधन में बंधे, जबकि मुस्लिम जोड़े का निकाह करवाया गया. इस विवाह में समिति से जुड़े लोगों ने खुद ही सारी चीजों का इंतजाम किया. प्रत्येक नवविवाहित दंपति को एक-एक लाख रुपए से ज्यादा के तोहफे भी दिए.

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इन तोहफों में डबल बेड, एलईडी टीवी, कूलर, बर्तन स्टैंड, अलमारी, गैस सिलेंडर, रसोई के बर्तन, ओवन, मिक्सी, दुल्हन के लिए पायल और मंगलसूत्र शामिल हैं. इसके अलावा, दुल्हनों के नाम 10-10 हजार रुपए की एफडी बनवाई गई.

बताया जा रहा है कि सामूहिक विवाह में ढोल-नगाड़ों के साथ बारात निकली. 20 दूल्हे 10 बग्गियों में सवार होकर अपनी दुल्हन के पास पहुंचे. सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र वह बग्गी रही जिसमें एक हिंदू और दूसरा मुस्लिम दूल्हा साथ-साथ बैठे थे. इस सामूहिक विवाह को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई.

प्रत्येक नवविवाहित दंपति को दिए 1 लाख से ज्यादा के तोहफे.
प्रत्येक नवविवाहित दंपति को दिए 1 लाख से ज्यादा के तोहफे.

सभी 20 दूल्हों को 10 बग्गियों में बैठाकर माधवगंज से भव्य बाराज निकाली गई. मुखर्जी नगर में जब बारात पहुंची तो लोगों ने धूम-धाम से दूल्हों का स्वागत किया. सभी जोड़ों के लिए एक-एक पंडित को बुलाया गया था, जिन्होंने शादी करवाई. मुस्लिम जोड़े के लिए काजी को बुलाया गया था. दूल्हा-दुल्हन के अलावा बारातियों के लिए भी खाने-पीने का इंतजाम किया गया था.

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गौरतलब है कि बाढ़ वाले गणेश मंदिर सेवा समिति कई सालों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जन्मदिन से लेकर कई धार्मिक आयोजन करती आई है. लेकिन सामूहिक विवाह पहली बार आयोजित किया गया. विवाह संपन्न होते ही सभी जोड़ों के माता पिता ने समिति वालों को धन्यवाद दिया.

(इनपुट: विवेक सिंह ठाकुर)

 

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