मध्य प्रदेश के सागर में एक निजी स्कूल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. निर्मल ज्योति कान्वेंट स्कूल की लैब में मानव भ्रूण मिला है. राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम निरीक्षण के लिए स्कूल गई थी.
बाल आयोग की दो सदस्यीय टीम बीना पहुंची थी. टीम में शामिल आयोग सदस्य ओंकार सिंह और डॉ. निवेदिता शर्मा ने स्कूल का निरीक्षण किया. इसी दौरान स्कूल की बायोलॉजी लैब में रखे एक जार में रखा एक मानव भ्रूण मिला.
स्कूल प्रबंधन देने लगा सफाई
भ्रूण कहां से और कब लैब में आया, इसको लेकर स्कूल प्रबंधन कोई जवाब नहीं दे सका. मौके पर मौजूद प्राचार्या सिस्टर ग्रेस का कहना था कि वह कुछ समय पहले ही यहां पदस्थ हुई हैं. उन्होंने दावा किया कि यह पहले से ही यहां था.
पहले तो स्कूल की तरफ से दावा किया गया कि वो भ्रूण प्लास्टिक का है. हालांकि जब आयोग की सदस्य डॉ. निवेदिता शर्मा ने पूछा इसे प्रिजर्व करके क्यों रखा गया है तो स्कूल प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया.
आयोग के सदस्यों ने भ्रूण को जब्त कर मौके पर मौजूद पुलिस को जांच कराने के लिए सौंप दिया है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. आयोग के एक सदस्य का कहना था कि यदि यह नकली भ्रूण भी है तो इसे बाजार में कौन बना रहा है यह भी जांच का विषय है.
छात्र की शिकायत पर हुआ खुलासा
एक छात्र की शिकायत पर आयोग के सदस्य जांच के लिए पहुंचे थे. छात्र की शिकायत पर आयोग ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ धर्म विशेष की प्रार्थना कराने के आरोप में केस दर्ज करने का निर्देश दिया है.
जांच के क्रम में ही लैब में भ्रूण पाया गया. पुलिस ने भ्रूण को जब्त करने के बाद एफएसएल जांच के लिए भेजा है. रिपोर्ट आने के बाद स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
आयोग सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि निर्मल ज्योति स्कूल के दस्तावेजों की जांच के बाद पता चला कि नियम के खिलाफ गेस्ट हाउस भी संचालित किया जा रहा है, जिसमें कुछ लोग रुके हुए हैं. स्कूल परिसर में चर्च है और यहीं पर प्राचार्य सहित अन्य महिला स्टाफ के आवास भी हैं.
ओंकार सिंह ने बताया कि एक बच्चे ने शिकायत की थी कि स्कूल में ईसाई धर्म के क्रियाकलापों में हिस्सा नहीं लेने पर उसे डांट दिया जाता था. उन्होंने कहा स्कूल में जांच के दौरान एक मानव भ्रूण भी पाया गया था.
(इनपुट - शिव पुरोहित)