मध्य प्रदेश के भोपाल में खंडवा-इटारसी रूट पर आरपीएफ ने पेंट्रीकार मैनेजर को चेन पुलिंग करते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. इस रूट पर चलने वाली काशी एक्सप्रेस ट्रेन में बार-बार चेन पुलिंग होती थी. इसकी वजह से यह ट्रेन इटारसी काफी लेट पहुंचती थी. इसको ध्यान में रखते हुए आरपीएफ ने गुप्त अभियान चलाया. इसी दौरान पेंट्रीकार मैनेजर रंगे हाथों पकड़ा गया. उसने जो खुलासा किया, वह हैरान करने वाला है.
फिलहाल, पैंट्रीकार मैनेजर पर धारा 141 के तहत केस दर्ज किया गया है. रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत बिना उचित और पर्याप्त कारण के चेन खींचने वाले पर 1,000 रुपये का जुर्माना या एक साल की कैद या दोनों हो सकते हैं. इसके साथ ही पेंट्रीकार मैनेजर पर 145 रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
काशी एक्सप्रेस में लगातार हो रही थी चेन पुलिंग की घटना
रेलवे की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि भोपाल मंडल के खंडवा- इटारसी रेल खंड में गाड़ी संख्या 15017 काशी एक्सप्रेस में चेन पुलिंग और प्रेशर ड्रॉप की घटना हो रही थी. इसे देखते हुए रेल सुरक्षा बल आउटपोस्ट को गुप्त रूप से निगरानी के लिए तैनात किया गया था. इस ट्रेन में खंडवा-बानापुरा के बीच चार बार चेन पुलिंग की गई. मगर, ट्रेन खड़ी होने से पहले प्रेशर आ जाने के कारण ट्रेन चल देती थी.
ट्रेन को लेट करने के लिए करता था चेन पुलिंग
इसके बाद टिमरनी-बानापुरा के फिर से चेन पुलिंग की गई. इसके बाद उपनिरीक्षक ने पेंट्रीकार में चेक करने गया. इस दौरान पुलिस को उत्तर प्रदेश के महोबा का रहने वाले पेंट्रीकार मैनेजर सूरज सिंह को एसीपी ने हैंडल को खींचते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. पूछने पर उसने बताया कि उसके द्वारा चेन पुलिंग गाड़ी को लेट करने के लिए की जाती है.
पैंट्रीकार में बने खाने की बिक्री अधिक हो सके
ट्रेन के समय पर स्टेशन पहुंचने पर उसके खाने की बिक्री कम होती थी. चेन पुलिंग करने से ट्रेन निर्धारित समय से इटारसी स्टेशन पर नहीं पहुंचती है. इससे उसके पैंट्रीकार में बने खाने की बिक्री अधिक हो जाती है. साथ ही यह भी बताया कि उसने आज से पहले 11 मई को भी इसी गाड़ी को बानापुरा-इटारसी के बीच चेन पुलिंग की थी. फिलहाल, पैंट्रीकार मैनेजर पर धारा 141 और 145 रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है.
बिना मेडिकल कार्ड आदि के किया जा रहा था वेंडिंग
इसके अलावा पैंट्रीकार को चेक करने पर अवैध रूप से बिना मेडिकल कार्ड आदि के वेंडिंग करते हुए 6 लोगों को पकड़ा गया है. उन पर अपराध क्रमांक 1090/23, 1091/23, 1092/23, 1093/23, 1094/23, 1095/23 के अंतर्गत धारा 137 और 144 रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है.
बिना ठोस कारण चेन खींचने पर होती है कार्रवाई
ट्रेन यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय रेलवे डिब्बों में इमरजेंसी ब्रेक की व्यवस्था भी करती है. किसी भी आपात स्थिति में चेन खींचकर ट्रेन को रोका जा सकता है. हालांकि, चेन पुलिंग करने के लिए किसी ठोस वजह का होना बहुत जरूरी है. बिना ठोस वजह के चेन पुलिंग करके ट्रेन रोकने पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई होती है.
रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत 1,000 रुपये जुर्माना या एक साल की कैद या दोनों हो सकते हैं. दरअसल, कई यात्री ट्रेन में अलार्म चेन का गलत इस्तेमाल करते हैं. बेवजह, चेन पुलिंग करने से ट्रेनें लेट होती हैं. इससे उसी ट्रैक पर चलने वाली कई ट्रेनों के शेड्यूल में भी बदलाव करना पड़ता है. साथ ही ट्रेन एक्सीडेंट का जोखिम भी होता है.