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Hot Seat: एग्जिट पोल में मजबूत दिखे विवेक बंटी साहू, क्या कमलनाथ के गढ़ को भेद देगी BJP?

Chhindwara lok sabha exit poll: मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट देश की हॉट सीट में से एक है. इस संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ दूसरी बार ताल ठोक रहे हैं. बीजेपी ने कमलनाथ के गढ़ में विवेक बंटी साहू को उतारा है. 

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Chhindwara Exit Poll Results 2024
Chhindwara Exit Poll Results 2024

Chhindwara Exit Poll 2024: इंडिया टुडे एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट पर बीजेपी का पलड़ा भारी है. एग्जिट पोल के नतीजे सटीक साबित हुए तो बीजेपी पूरे मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर क्लीन स्वीप कर सकती है. कमल दल को 28-29 सीटें मिलती नजर आ रही हैं जबकि कांग्रेस 0-1 पर रह सकती है. इसमें छिंदवाड़ा सीट ही है जिस पर असमंजस के बादल मंडरा रह हैं.

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पता हो कि लोकसभा चुनाव में एमपी की सभी 29 सीटों पर क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरी बीजेपी के लिए छिंदवाड़ा सबसे बड़ा रोड़ा है. शायद इसी वजह से कमलनाथ के गढ़ को लेकर बीजेपी ने खास रणनीति बनाई.

रणनीति के तहत छिंदवाड़ा के असंतुष्ट और प्रभावशाली कांग्रेस नेताओं सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को बीजेपी में लाया गया ताकि कांग्रेस छिंदवाड़ा की जमीन पर कमजोर पड़े. 

इस संसदीय क्षेत्र में राजनीतिक उठापटक का माहौल लोकसभा चुनाव की वोटिंग के दिन तक जारी रहा. छिंदवाड़ा नगर निगम के महापौर विक्रम अहाके दो बार लोगों को चौंकाया. आम चुनाव की सरगर्मी के बीच 1 अप्रैल को छिंदवाड़ा नगर निगम महापौर विक्रम अहाके ने राजधानी भोपाल पहुंचकर बीजेपी का दामन थाम लिया था. फिर यू-टर्न लेते हुए विक्रम वापस कांग्रेस में लौट गए थे. 

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इसके पहले छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा से कांग्रेस विधायक कमलेश शाह बीजेपी में शामिल हुए थे. यही नहीं, कमलनाथ के करीबी विश्वासपात्र और साल 2019 में कमलनाथ के लिए अपनी सीट खाली करने वाले दीपक सक्सेना और उनके बेटे अजय सक्सेना बीजेपी में शामिल हो गए. कुछ दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी सैयद जफर भी बीजेपी में शामिल हो गए थे.

कमलनाथ छिंदवाड़ा से 9 बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं. जबकि 2019 में उनके बेटे नकुलनाथ सांसद बने. कमलनाथ के रुतबे का अंदाजा का इससे लगाया जा सकता है कि 1977 के लोकसभा चुनावों में उत्तर भारत में कांग्रेस का सफाया हो गया था, मगर छिंदवाड़ा से कांग्रेस को जीत मिली थी.  

बीजेपी छिंदवाड़ा लोकसभा सीट महज एक बार 1997 के उपचुनाव में जीत दर्ज की है और सुंदरलाल पटवा सांसद चुने गए थे.  2014 और 2019 की मोदी लहर में भी बीजेपी इस सीट पर कांग्रेस को मात नहीं दे सकी थी. हालांकि, इस बार एग्जिट पोल में बीजेपी उम्मीदवार मजूबत नजर आ रहे हैं.

 छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र के समीकरण:-

- कुल 16 लाख 32 हजार 896 वोटर हैं
- 8 लाख 24 हजार 832 पुरुष वोटर और 8 लाख 8 हजार 51 महिला वोटर हैं.
- 18 से 19 साल वाले फर्स्ट टाइम वोटरों की संख्या 53 हजार 555 है.
- छिंदवाड़ा में जातिगत समीकरणों की बात करें तो यहां अनुसूचित जनजाति की आबादी सबसे ज्यादा है.
- यहां सबसे ज्यादा करीब 37 फीसदी आबादी एसटी है.
- इसके बाद करीब 12% अनुसूचित जाति की आबादी है.
- मुस्लिम आबादी यहां करीब 5% है.
- यहां ग्रामीण वोटरों की संख्या करीब 75% है तो वहीं करीब 25 फीसदी शहरी वोटर हैं.

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बता दें कि India today axis my india exit poll के अनुसार, मध्य  प्रदेश में बीजेपी को 28-29 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं. जबकि कांग्रेस को 0-1 सीट मिलने की संभावना है. बीजेपी को 61 फीसदी वोट मिलते दिखाई दे रहे है.

वहीं,  I.N.D.I.A.  33% वोट मिलते नजर आ रहे हैं. इसके अलावा वोटों में अन्य का 6 फीसदी शेयर रह सकता है. साल 2019 के चुनाव में बीजेपी को मध्य प्रदेश में 58%, कांग्रेस को 34% और बसपा को 2 फीसदी वोट मिले थे.  
 

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