देशभर में स्वच्छता के मामले में नंबर-1 शहर इंदौर फिर अपने नए कदम को लेकर चर्चा में है. इंदौर नगर निगम अब स्थानीय निवासियों के घरों से इलेक्ट्रॉनिक कचरा, पुराने कपड़े और टूटे कांच जैसे कचरे को उठाने के लिए सशुल्क सेवा के लिए एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन शुरू करेगा.
इंदौर ने लगातार सातवें साल भारत के सबसे स्वच्छ शहर होने का खिताब हासिल किया है. इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया, "हम शहर के कचरा प्रबंधन मॉडल को अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं. इसके तहत हम एक विशेष ऐप लॉन्च करेंगे, जिसका उपयोग करके लोग हमें सूचित करके अपने घरों से इलेक्ट्रॉनिक कचरा, पुराने कपड़े और टूटे कांच के सामान उठवा सकेंगे."
उन्होंने कहा कि इस कबाड़ को उनके घरों से उठाने का शुल्क अगले कुछ दिनों में तय कर दिया जाएगा. भार्गव ने यह भी कहा कि नगर निगम इंदौर को 'सौर शहर' बनाने के लिए अभियान चला रहा है और अब तक शहर में इमारतों की छतों पर कुल 100 मेगावाट क्षमता के सोलर ऊर्जा प्लांट लगाए गए हैं.
मीडिया से बातचीत करने से पहले मेयर भार्गव ने नगर निगम का 2025-26 का बजट पेश किया. इसमें लगभग 8 हजार 175 करोड़ रुपए की आय और लगभग 8 हजार 237 करोड़ रुपए का व्यय अनुमानित किया गया है.